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February 22, 2026 2:36 pm

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: भारत ने ग्लोबल साउथ में लिखी नई इतिहास, 88 देशों ने अपनाई नई दिल्ली घोषणा

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नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी 2026 तक चले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट ने दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की चर्चा को नया आयाम दिया। पांच दिनों में 20 से अधिक देशों के प्रमुख, दुनिया की टॉप टेक कंपनियों के सीईओ और लाखों लोगों की भीड़ ने भारत मंडपम को एआई का वैश्विक केंद्र बना दिया। हर कोने में सिर्फ एक ही शब्द गूंजता रहा—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

भारत सरकार के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली एआई समिट था। ब्रिटेन, साउथ कोरिया और फ्रांस के बाद पहली बार यह समिट ग्लोबल साउथ के किसी देश में आयोजित हुआ, जिसने भारत को एआई में वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित कर दिया।

मुख्य उपलब्धियां और अहम घोषणाएं

समिट का समापन नई दिल्ली घोषणा (New Delhi Declaration on AI Impact) के अपनाने के साथ हुआ। इसमें 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए, जिसमें अमेरिका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे बड़े देश शामिल हैं। यह घोषणा एआई को लोकतांत्रिक, समावेशी, सुरक्षित और मानव-केंद्रित बनाने पर जोर देती है।

  • 250 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश प्रतिबद्धताएं: इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई विकास के लिए वैश्विक कंपनियों ने 250 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश का वादा किया।
  • 20 अरब डॉलर डीप-टेक रिसर्च के लिए: फ्रंटियर एआई और इनोवेशन में 20 बिलियन डॉलर की कमिटमेंट्स।
  • MANAV विजन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MANAV (मानव-केंद्रित एआई गवर्नेंस फ्रेमवर्क) पेश किया, जो ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें बच्चों की सुरक्षा, भाषाई समावेश और ग्लोबल साउथ की जरूरतों पर फोकस है।
  • तीन स्वदेशी एआई मॉडल लॉन्च: भारतीय कंपनियों ने तीन बड़े स्वदेशी (Sovereign) एआई मॉडल पेश किए, जो भारत में ट्रेन किए गए और लोकल भाषाओं में मजबूत हैं।
  • गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: एआई जिम्मेदारी अभियान में 24 घंटे में सबसे ज्यादा डिजिटल प्लेज प्राप्त करने का रिकॉर्ड।
  • कंप्यूट क्षमता बढ़ोतरी: भारत ने अतिरिक्त 20,000 GPUs जोड़ने की घोषणा की, कुल क्षमता 58,000+ GPUs तक पहुंच गई।

प्रमुख हस्तियां और चर्चाएं

समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, ब्रिटेन के पूर्व पीएम ऋषि सुनक, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के डैरियो अमोडी जैसे दिग्गज शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा, “एआई बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल सिलेबस जितना क्यूरेटेड होना चाहिए।”

समिट में 500+ सेशन, 7 वर्किंग ग्रुप्स (पीपल, प्लैनेट, प्रोग्रेस पर आधारित) और इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में 300+ एक्जिबिटर्स और 30+ देशों की भागीदारी रही। लाखों विजिटर्स ने इसे G20 से भी बड़ा बनाया।

चुनौतियां भी रहीं

पहले दिन कुछ ट्रैफिक और ऑर्गनाइजेशनल मुद्दों के कारण भीड़भाड़ रही, जिसके लिए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी। बिल गेट्स ने आखिरी समय में अपना कीनोट रद्द किया।

फिर भी, समिट ने भारत को एआई में ‘विजन से एक्शन’ की ओर ले जाने वाला मंच साबित किया। अब फोकस इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने पर है—समावेशी विकास, सुरक्षित एआई और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने पर।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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