Rajasthan में एक सरकारी डॉक्टर ने स्थानीय विधायक के कथित दुर्व्यवहार से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने जनता की सेवा के लिए पद संभाला था, न कि अपमान और गालियां सहने के लिए।
जानकारी के अनुसार, यह विवाद उस समय सामने आया जब क्षेत्र के MLA ने अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डॉक्टर से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और डॉक्टर को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई गई।
घटना से आहत डॉक्टर ने कुछ ही समय बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने स्पष्ट लिखा कि “मैंने यह पद समाज की सेवा के लिए ग्रहण किया था, लेकिन इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। गालियां सुनने के लिए मैंने यह जिम्मेदारी नहीं ली।”
इस मामले के सामने आने के बाद चिकित्सा समुदाय में भी नाराजगी देखी जा रही है। कई डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर विधायक की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कुछ सूत्रों का कहना है कि विधायक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई थी, लेकिन डॉक्टर के आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सरकारी तंत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करती हैं। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और यह देखने की कोशिश की जा रही है कि आखिर विवाद की असली वजह क्या थी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के साथ-साथ सम्मानजनक माहौल भी मिल पा रहा है या नहीं।







