नई दिल्ली/मुंबई, 21 फरवरी 2026: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव ने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 5 फरवरी 2026 को खुद को दिल्ली हाई कोर्ट के सामने सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया, जहां उन्होंने करीब 12 दिन बिताए। दिल्ली हाई कोर्ट ने 16-17 फरवरी को उन्हें 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी, जिसके बाद राजपाल जेल से रिहा होकर सीधे उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर गांव पहुंचे और भतीजी की शादी में शामिल हुए। वहां परिवार के साथ डांस करते उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
रिहाई के बाद राजपाल यादव ने मीडिया से बातचीत में तिहाड़ जेल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जेल में उनका रूटीन सामान्य कैदियों जैसा ही था – सुबह उठकर योगा और व्यायाम, फिर पढ़ाई या किताबें पढ़ना, और शाम को अन्य कैदियों से बातचीत। उन्होंने कहा, “जेल में सबसे मुश्किल पल परिवार से दूर रहना था। कभी-कभी रात में नींद नहीं आती थी, क्योंकि घर की याद सताती थी। लेकिन मैंने खुद को व्यस्त रखा और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा किया।”
राजपाल की पत्नी राधा यादव ने भी इंटरव्यू में भावुक होकर बात की। उन्होंने कहा, “कभी-कभी वह फोन पर बात करते हुए रो पड़ते थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जेल में वे ठीक थे, लेकिन परिवार से अलग होना सबसे बड़ा दर्द था। फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग – सलमान खान, सोनू सूद, अजय देवगन समेत कई सेलेब्स – ने मदद की, जिसके लिए हम बहुत शुक्रगुजार हैं। चाहे पब्लिक हो या प्राइवेट, सबने साथ दिया।”
प्रमुख बातें:
- जेल में दिनचर्या: राजपाल ने बताया कि वे सुबह जल्दी उठते, योग करते, किताबें पढ़ते और अन्य कैदियों से बातें करते थे। कोई स्पेशल वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिला, सब सामान्य था।
- इमोशनल मोमेंट: परिवार से दूर रहना सबसे कठिन था। राधा यादव ने कहा, “उनके लिए अपनों की कमी बहुत महसूस हुई।”
- रिहाई के बाद: जेल से निकलते ही राजपाल गांव पहुंचे, जहां भतीजी की मेहंदी और शादी में डांस करते नजर आए। उन्होंने कहा, “यह परिवार के साथ बिताया समय मेरे लिए सबसे कीमती है।”
- केस अपडेट: अंतरिम जमानत 18 मार्च तक है। राजपाल ने कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और कर्ज चुकाने की कोशिश करेंगे।
राजपाल यादव ने इस मुश्किल दौर में इंडस्ट्री और फैंस के सपोर्ट को याद करते हुए कहा, “मैं कई जन्म लेकर भी इस एहसान नहीं चुका सकता।” यह घटना बॉलीवुड में दोस्ती और मुश्किल वक्त में साथ देने की मिसाल बन गई है।






