छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बोरझरा गांव में रविवार (1 फरवरी 2026) की दोपहर एक बेहद चिंताजनक और खतरनाक घटना सामने आई। खेल-खेल में गांव के बच्चों ने रतनजोत (जट्रोफा कर्कस) के बीज खा लिए, जिसके बाद 24 से ज्यादा बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों में उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और अन्य पाचन संबंधी गंभीर शिकायतें शुरू हो गईं।
घटना की पूरी डिटेल्स:
- गांव में रामायण का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बच्चे खेलते-खेलते पास में उगे रतनजोत के पेड़ के बीजों को काजू या मूंगफली समझकर खाने लगे।
- बीजों का स्वाद मीठा होने के कारण बच्चे ज्यादा मात्रा में खा गए।
- कुछ ही देर बाद एक-एक करके बच्चों को उल्टी और चक्कर आने लगे। ग्रामीणों ने तुरंत माता-पिता को सूचित किया।
- स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में बच्चों को धमतरी जिला अस्पताल पहुंचाया।
- अस्पताल में कुल 24+ बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया।
- 7 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है — उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है और आवश्यकता पड़ने पर उच्च केंद्र रेफर किया जा सकता है।
- डॉक्टरों ने बताया कि रतनजोत के बीज जहरीले होते हैं, इनमें टॉक्सिन (जैसे फोरबोल एस्टर) होते हैं जो पेट में जलन, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन का कारण बनते हैं।
रतनजोत क्या है? रतनजोत एक जंगली पौधा है, जिसके बीज बायो-डीजल के लिए इस्तेमाल होते हैं, लेकिन ये बेहद जहरीले होते हैं। बच्चों में यह जहर तेजी से असर करता है और गंभीर मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकता है।
ग्रामीणों और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
- गांव में हड़कंप मच गया है।
- जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत टीम भेजकर स्थिति पर नजर रखी है।
- लोगों से अपील की गई है कि बच्चों को ऐसे अज्ञात बीज या फल न खाने दें और जागरूक रहें।
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता की कमी को उजागर करती है। सभी बच्चे खतरे से बाहर आने की उम्मीद है, लेकिन 7 गंभीर मरीजों पर डॉक्टरों की नजर टिकी हुई है।






