नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में यूनियन बजट 2026-27 पेश कर इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। बजट को कर्तव्य भावना से तैयार किया गया बताया गया, जो तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है: आर्थिक विकास को तेज करना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ, सबका विकास सुनिश्चित करना।
बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया और व्यक्तिगत आयकर छूट का कोई नया ऐलान नहीं हुआ। हालांकि, कई क्षेत्रों में राहत और निवेश बढ़ाने के बड़े कदम उठाए गए हैं।
मुख्य घोषणाएं और हाइलाइट्स
- पूंजीगत व्यय (Capex) में उछाल: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कैपेक्स को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया (पिछले साल से करीब 9% अधिक), जो इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को नई गति देगा।
- टैक्स राहत:
- विदेशी यात्रा पैकेज, शिक्षा और चिकित्सा के लिए TCS दर घटाई गई।
- 17 एंटी-कैंसर दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम्स ड्यूटी से पूरी छूट।
- भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों की विदेश से होने वाली कमाई पर अब टैक्स नहीं लगेगा।
- रक्षा क्षेत्र: रक्षा मंत्रालय को ₹7.8 लाख करोड़ का बजट आवंटित, जो पिछले साल से करीब 15% अधिक है।
- एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग: एमएसएमई को लोकल से ग्लोबल बनाने के लिए विशेष फंड और स्कीम्स, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम में बढ़ोतरी (₹40,000 करोड़), बायोफार्मा ‘शक्ति’ योजना (₹10,000 करोड़)।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, रेयर अर्थ कॉरिडोर (ओडिशा, केरल, आंध्र, तमिलनाडु), कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम, और सिटी इकोनॉमिक रीजन।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: NIMHANS-2 (दूसरा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान), 5 रीजनल मेडिकल हब्स (मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा), 3 नए आयुर्वेदिक संस्थान, और स्वास्थ्य वर्कफोर्स डेवलपमेंट।
- किसानों और छोटे टैक्सपेयर्स: किसानों के लिए बहुभाषी एआई टूल ‘भारत विस्तार’, छोटे टैक्सपेयर्स के लिए ऑटोमेटेड प्रक्रिया, और संशोधित ITR दाखिल करने की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ाई गई।
- अन्य विशेष: तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश सीमा पर बर्ड वॉचिंग ट्रेन, और क्षेत्रीय विकास के कई कदम।
बजट का कुल आकार ₹53.5 लाख करोड़ अनुमानित है, जबकि फिस्कल डेफिसिट 4.3% पर लक्षित। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने पर फोकस है।
शेयर बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया मिश्रित रही, लेकिन इंफ्रा, हेल्थ और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सकारात्मक असर दिखा।






