मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग अभी ठंडी नहीं हुई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार पर नया हमला बोल दिया है। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर ने 11 मार्च 2026 को Section 301 के तहत अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज की जांच शुरू की है, जिसमें भारत, चीन समेत 16 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को निशाने पर लिया गया है। यह जांच पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के पुराने इमरजेंसी टैरिफ्स को अवैध ठहराए जाने के बाद नई टैरिफ्स की तैयारी है। उधर, ईरान युद्ध में फंसे 9,000 भारतीयों (ज्यादातर मेडिकल छात्र) पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपडेट दिया है: कई को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है, लेकिन एयरस्पेस बंद होने से बड़े पैमाने पर निकासी में देरी हो रही है।
ट्रंप का नया टैरिफ अटैक: 16 देशों पर Section 301 जांच
ट्रंप प्रशासन ने Section 301 of the Trade Act 1974 के तहत दो नई जांच शुरू की हैं:
- पहली: एक्सेस इंडस्ट्रियल कैपेसिटी (अधिक उत्पादन क्षमता) और अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज पर।
- दूसरी: फोर्स्ड लेबर (जबरन मजदूरी) पर, जो 60+ देशों को कवर करेगी।
निशाने पर 16 अर्थव्यवस्थाएं:
- चीन, यूरोपीय संघ (EU), भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, कंबोडिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे।
USTR जेमिसन ग्रीर ने कहा कि ये जांच “अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को नुकसान पहुंचाने वाली अनफेयर प्रैक्टिसेज” पर फोकस करेगी। जांच पूरी होने पर गर्मियों 2026 तक नए टैरिफ्स लग सकते हैं, जो पिछले इमरजेंसी टैरिफ्स की जगह लेंगे। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा था कि “हम टैरिफ्स को वैकल्पिक तरीके से वापस लाएंगे”।
भारत पर असर: भारत के एक्सपोर्ट्स (टेक्सटाइल, फार्मा, IT, ऑटो पार्ट्स आदि) पर नया दबाव आ सकता है। भारत पहले से ही रूसी तेल खरीद पर 50% टैरिफ का सामना कर रहा है, और अब Section 301 से और टैरिफ्स का खतरा बढ़ गया है।
ईरान युद्ध में फंसे 9,000 भारतीय: MEA का अपडेट
ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच MEA ने अपडेट दिया:
- करीब 9,000 भारतीय फंसे हैं, ज्यादातर मेडिकल छात्र (MBBS/PG) क़ोम, तेहरान, मशहद और इस्फहान में।
- कई छात्रों को सुरक्षित जगहों (दूतावास परिसर, होटल या कम जोखिम वाले इलाकों) में शिफ्ट किया गया है।
- एयरस्पेस पूरी तरह बंद होने से कमर्शियल फ्लाइट्स नहीं चल रही हैं। बड़े इवैक्यूएशन में देरी।
- कुछ छात्र लैंड रूट से आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान बॉर्डर क्रॉस करके निकल रहे हैं, लेकिन रास्ता जोखिम भरा।
- दो भारतीयों (एक छात्र और एक वर्कर) की मौत की पुष्टि हुई है।
- MEA ने 24×7 कंट्रोल रूम एक्टिव किया है। दूतावास तेहरान से लगातार संपर्क।
- MEA स्पोक्सपर्सन रंधीर जायसवाल ने कहा: “सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम क्षेत्रीय सरकारों और पार्टनर्स से बात कर रहे हैं। जैसे ही सुरक्षित विंडो मिलेगी, निकासी शुरू होगी।”
हेल्पलाइन नंबर:
- ईरान भारतीय दूतावास: +98-21-2275-6328 / +98-912-217-6035
- MEA कंट्रोल रूम (दिल्ली): +91-11-23012113 / +91-9968291989
- इमरजेंसी: +91-9818291989 (व्हाट्सएप उपलब्ध)
दोहरी मार: युद्ध और टैरिफ्स
एक तरफ ईरान युद्ध में भारतीय छात्रों की जान खतरे में है, दूसरी तरफ ट्रंप की टैरिफ जांच से भारत-चीन जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। MEA ने ईरान में फंसे लोगों से अपील की है कि दूतावास से संपर्क रखें और अनावश्यक बाहर न निकलें। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि जांच “अमेरिकी वर्कर्स और इंडस्ट्री को बचाने” के लिए है।
स्थिति तेजी से बदल रही है। MEA हर घंटे अपडेट दे रहा है। अगर आपके परिवार में कोई ईरान में है, तो तुरंत हेल्पलाइन पर कॉल करें। ट्रेड वार के असर पर नजर रखी जा रही है – भारत सरकार भी डिप्लोमैटिक चैनल्स से बात कर रही है।






