राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। लगातार तीसरे दिन कई जिलों में ओलावृष्टि हुई, जिससे ठंड का अहसास बढ़ गया और तापमान में तेज़ गिरावट दर्ज की गई। जयपुर समेत कई प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 11 डिग्री तक लुढ़क गया, जबकि पहले दिनों में गर्मी का दौर चल रहा था।
पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी
मौसम विभाग के अनुसार, एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से 18 मार्च से शुरू हुआ यह दौर 20 मार्च तक जारी रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई जिलों में तेज़ आंधी (40-60 किमी/घंटा), मेघगर्जन के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हुई।
- जयपुर: आज सुबह से बादल छाए रहे, दोपहर में कुछ इलाकों में ओले गिरे और तापमान में करीब 9-11 डिग्री की गिरावट आई। न्यूनतम तापमान भी 15-17 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया।
- सीकर, चूरू, झुंझुनू: ओलावृष्टि सबसे अधिक प्रभावी रही, जहां मटर के आकार के ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा।
- अलवर, भरतपुर क्षेत्र: हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे सड़कों पर पानी जमा हो गया।
- बीकानेर-जोधपुर: तेज़ हवाओं के साथ छिटपुट बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि।
फसलों को नुकसान, किसानों में चिंता
लगातार तीन दिनों से हो रही ओलावृष्टि और बारिश से सरसों, गेहूं और अन्य रबी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने बताया कि ओलों से फसलें चौपट हो गईं। मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने और फसलों को बचाने के उपाय करने की सलाह दी है।
अगले 24 घंटों का पूर्वानुमान
20 मार्च को भी जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। उसके बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू हो सकती है।
मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने, घर से बाहर निकलते समय छाता/रेनकोट साथ रखने और तेज़ हवाओं से बचने की अपील की है।






