जयपुर: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक पलटी मारी है। बुधवार, 18 फरवरी 2026 को जयपुर सहित राज्य के 10 से अधिक जिलों में सुबह से रुक-रुक कर बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। IMD (भारत मौसम विज्ञान विभाग) ने राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में इसका सबसे ज्यादा असर बताया है।
क्या हुआ 18 फरवरी को?
- जयपुर में दोपहर बाद अचानक अंधेरा छा गया, तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ बूंदाबांदी और ओले गिरे।
- सीकर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, पाली जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ चने के आकार के ओले गिरे।
- चार से अधिक जिलों में ओलावृष्टि की पुष्टि हुई, जिससे सरसों, चना जैसी तैयार फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। किसानों की टेंशन बढ़ गई है।
- तापमान में 4-6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई; कई जगह अधिकतम तापमान 24-25 डिग्री तक लुढ़का।
IMD का अलर्ट:
- 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट (तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि, मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना)।
- 13-18 जिलों में येलो अलर्ट (हल्की बारिश और तेज हवाएं)।
- जयपुर, टोंक, दौसा, भरतपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में प्रभाव ज्यादा रहा।
- कुल 29 जिलों तक अलर्ट जारी, लेकिन मुख्य असर पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में।
आगे क्या? मौसम विभाग के अनुसार, 19 फरवरी को तापमान में थोड़ी और गिरावट संभव है, लेकिन उसके बाद मौसम साफ होने लगेगा। अगले 5-6 दिनों में ज्यादातर हिस्सों में शुष्क मौसम रहेगा और तापमान फिर बढ़ने की संभावना है। 20 फरवरी से कुछ संभागों में हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं, लेकिन बड़ा विक्षोभ अब कमजोर पड़ रहा है






