सोना-चांदी की कीमतों में चार दिन की लगातार भारी गिरावट (क्रैश) के बाद अब तेज रैली देखने को मिल रही है। आखिरकार मंगलवार को बाजार में उछाल आया और यह सिलसिला बुधवार (4 फरवरी 2026) को भी जारी रहा, जिससे निवेशकों में राहत की लहर दौड़ गई है।
हालिया ट्रेंड और क्रैश की वजह
पिछले चार कारोबारी दिनों में सोना और चांदी में जबरदस्त बिकवाली देखी गई थी। चांदी तो अपने रिकॉर्ड हाई (लगभग 4 लाख रुपये प्रति किलो) से 1.5-2 लाख रुपये तक गिर चुकी थी, जबकि सोना भी 20-25% तक सस्ता हो गया था। यह गिरावट प्रॉफिट बुकिंग, मार्जिन बढ़ोतरी, मजबूत डॉलर और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण आई थी। कई रिपोर्ट्स में इसे “फ्लैश क्रैश” या ओवरस्पीडिंग के बाद सुधार बताया गया।
अब रैली क्यों और कितनी तेज?
मंगलवार से बाजार में तेजी लौटी और बुधवार को MCX पर दोनों धातुएं रॉकेट की तरह उछलीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना $5,060-$5,069 प्रति औंस के पार पहुंच गया, जबकि चांदी $86-$86.9 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है। भारत में यह रैली भारत-US ट्रेड डील, कमजोर डॉलर और सेफ-हेवन डिमांड से सपोर्ट मिल रही है।
आज के प्रमुख रेट्स (4 फरवरी 2026, MCX और सर्राफा बाजार के आधार पर):
- सोना (24 कैरेट, प्रति 10 ग्राम): MCX पर ₹1,58,000 से ₹1,59,500 के बीच (करीब ₹5,000-₹7,300 की तेजी एक दिन में)। शहरों में औसतन ₹1,53,000-₹1,59,000 (मुंबई/दिल्ली में लगभग ₹15,394 प्रति ग्राम)।
- चांदी (प्रति किलो): MCX पर ₹2,80,000 से ₹2,84,000 तक (एक दिन में ₹13,000-₹30,000 तक उछाल)। दिल्ली में ₹2,84,000 प्रति किलो (9-13% बढ़ोतरी)।
- 22 कैरेट सोना (ज्वेलरी के लिए): ₹1,41,000-₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास।
दो दिनों में चांदी करीब ₹60,000 प्रति किलो महंगी हो चुकी है, जबकि सोना ₹5,000+ प्रति 10 ग्राम बढ़ा है। यह रिकवरी पिछले क्रैश के नुकसान की भरपाई कर रही है, लेकिन बाजार अभी भी अस्थिर है।
आगे क्या?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताएं (ट्रेड वॉर, डॉलर की कमजोरी, सेंट्रल बैंक की खरीदारी) जारी रहने पर रैली बनी रह सकती है, लेकिन प्रॉफिट बुकिंग से फिर गिरावट भी आ सकती है। निवेश से पहले एक्सपर्ट सलाह जरूर लें, क्योंकि कीमतें बहुत तेजी से बदल रही हैं।






