Explore

Search

March 27, 2026 7:38 pm

पैसा बचाने से लेकर निवेश करने तक, गांव-कस्बों की महिलाएं लहरा रहीं परचम, क्रिप्टो में भी कमाल

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

नई दिल्ली: भारत में वित्तीय क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका तेजी से बदल रही है। पारंपरिक रूप से पैसा बचाने, कमाने और निवेश करने की जिम्मेदारी पुरुषों पर मानी जाती थी, खासकर गांवों और कस्बों में। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाएं अब सिर्फ घरेलू खर्च संभालने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक योजना, बचत और डिजिटल लेनदेन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

पेनीयरबी वुमेन फाइनेंशियल इंडेक्स (PWFI) 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाएं डिजिटल भुगतान में काफी आगे बढ़ चुकी हैं। रिपोर्ट बताती है कि इन क्षेत्रों की लगभग 38 प्रतिशत महिलाएं सप्ताह में कम से कम एक बार यूपीआई का इस्तेमाल करती हैं, मुख्य रूप से किराना, यूटिलिटी बिल और मोबाइल रिचार्ज जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए।

इसके अलावा, रिपोर्ट में उल्लेख है कि 85 प्रतिशत महिलाएं परिवार की मुख्य बचतकर्ता हैं। वे बैंक खाते स्वतंत्र रूप से संचालित करती हैं (खासकर 18-40 आयु वर्ग में 71 प्रतिशत), और वित्तीय निर्णयों में अधिक आत्मविश्वास दिखा रही हैं। गोल्ड-बेस्ड बचत उत्पादों जैसे छोटे टिकट एसआईपी में 44 प्रतिशत महिलाएं रुचि दिखा रही हैं, जब उन्हें स्थानीय सेवा केंद्रों पर सहायता मिलती है। फ्लेक्सिबल डिपॉजिट उत्पादों (फिक्स्ड या रिकरिंग डिपॉजिट) में 98 प्रतिशत महिलाएं बचत करने को तैयार हैं, हालांकि म्यूचुअल फंड्स की जागरूकता अभी कम (10 प्रतिशत से कम) है।

रिपोर्ट में महिलाओं की बढ़ती वित्तीय अनुशासन और स्वतंत्रता पर जोर दिया गया है। पेनीयरबी के फाउंडर, एमडी और सीईओ आनंद कुमार बजाज ने कहा कि महिलाएं अब बेसिक फाइनेंशियल एक्सेस से आगे बढ़कर स्वतंत्र रूप से बैंक खाते मैनेज कर रही हैं, मासिक बचत की आदतें बना रही हैं और गोल्ड, इंश्योरेंस तथा फॉर्मल क्रेडिट में रुचि ले रही हैं।

इसी तरह, क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। कॉइनस्विच की हालिया सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय महिलाओं में क्रिप्टो निवेश की रुचि तेजी से बढ़ी है। सर्वे में शामिल 62 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वे अगले 6-12 महीनों में क्रिप्टो में निवेश करने की बहुत संभावना रखती हैं, जबकि 23 प्रतिशत ने कुछ हद तक रुचि दिखाई। बिटकॉइन अभी भी उनकी पहली पसंद है। महिलाएं सतर्क तरीके से निवेश कर रही हैं, ज्यादातर अपनी मासिक आय का 5 प्रतिशत से कम हिस्सा क्रिप्टो में लगा रही हैं, और इसे डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो का हिस्सा मान रही हैं।

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि डिजिटल इंडिया, यूपीआई की पहुंच और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया है। अब वे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित कर रही हैं, बल्कि नए निवेश विकल्पों की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत की आर्थिक वृद्धि में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को मजबूत करेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।

Sanjeevni Today
Author: Sanjeevni Today

Reporter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर