पटना: बिहार में रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे और हाईवे को इस तरह विकसित किया जाएगा कि जरूरत पड़ने पर यहां लड़ाकू विमान और सैन्य परिवहन विमान लैंड और टेकऑफ कर सकें। यह कदम आपातकालीन परिस्थितियों में भारतीय वायु सेना की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
हाईवे बनेंगे ‘इमरजेंसी रनवे’
योजना के तहत चयनित हाईवे और एक्सप्रेसवे पर विशेष प्रकार की स्ट्रेंथ और डिजाइन का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि वे भारी विमानों का भार सह सकें। इन सड़कों पर आवश्यकतानुसार ट्रैफिक को रोका जा सकेगा और कुछ ही समय में इन्हें रनवे में बदला जा सकेगा।
कौन-कौन से विमान उतर सकेंगे?
इन इमरजेंसी रनवे पर आधुनिक लड़ाकू विमान और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उतर सकेंगे, जिनमें शामिल हैं:
- Dassault Rafale
- Sukhoi Su-30MKI
- SEPECAT Jaguar
- Lockheed C-130J Super Hercules
इन विमानों की तैनाती से किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।
रणनीतिक महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के इमरजेंसी रनवे युद्ध या प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में बेहद अहम साबित होते हैं। इससे एयरफोर्स को पारंपरिक एयरबेस पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और ऑपरेशन अधिक लचीले हो जाते हैं।
पहले भी हो चुका है प्रयोग
देश के अन्य हिस्सों—जैसे उत्तर प्रदेश और राजस्थान—में भी इस तरह के एक्सप्रेसवे रनवे का सफल परीक्षण किया जा चुका है। अब बिहार में भी इसी मॉडल को लागू किया जा रहा है।
आम लोगों के लिए क्या असर?
हालांकि इन सड़कों का उपयोग सामान्य दिनों में आम यातायात के लिए ही होगा, लेकिन आपात स्थिति में इन्हें तुरंत खाली कराकर एयरफोर्स के उपयोग में लाया जाएगा।







