India-EU FTA LIVE अपडेट्स 27 जनवरी 2026: ऐतिहासिक ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ आज घोषित! 🔥🇮🇳🇪🇺
ब्रेकिंग: भारत और यूरोपीय संघ ने FTA को फाइनल कर लिया! करीब 20 साल (2007 से शुरू) की लंबी बातचीत के बाद आज (27 जनवरी 2026) दिल्ली में 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में Free Trade Agreement (FTA) की आधिकारिक घोषणा हो गई। PM नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इसे “landmark” और “mother of all trade deals” करार दिया।
लाइव अपडेट्स (27 जनवरी 2026, दोपहर तक)
- Hyderabad House, दिल्ली: PM मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ बैठक की। दोनों EU नेता गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में आए थे।
- PM मोदी का बयान: “यह समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था का 25% और व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है। यह भारत-EU के रिश्तों में नया अध्याय है – व्यापार, सुरक्षा, क्लीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ेगा।”
- Ursula von der Leyen: “हमने मदर ऑफ ऑल डील्स को पूरा किया! यह 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा, भारत में EU एक्सपोर्ट्स दोगुने होंगे।”
- वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल: “बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हुई। समझौता संतुलित और फॉरवर्ड-लुकिंग है।”
डील के प्रमुख पॉइंट्स 📊
- टैरिफ कटौती: 90%+ से ज्यादा सामानों पर टैरिफ खत्म या काफी कम।
- EU से कारों पर भारत का टैरिफ 110% से घटकर ~40% (कुछ सेक्टर में 10% तक)।
- भारत से टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल्स, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर EU में बेहतर एक्सेस।
- संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित: भारत ने डेयरी, एग्रीकल्चर, पोल्ट्री जैसे क्षेत्रों को बाहर रखा।
- ट्रेड वॉल्यूम: वर्तमान में ~$136-137 बिलियन (2024-25) से 2030 तक $200 बिलियन+ तक पहुंचने की उम्मीद।
- फॉर्मल साइनिंग: लीगल रिव्यू के बाद 5-6 महीने में, प्रभावी 2027 से।
अमेरिका की प्रतिक्रिया – ट्रंप साइड से तीखा तंज ⚡
ट्रंप प्रशासन ने इस डील पर नाराजगी जताई। यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने कहा: “यूरोप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को फंड करना जारी रखा है। उन्होंने रूस से तेल खरीदना बंद किया, लेकिन भारत से रिफाइंड रूसी ऑयल प्रोडक्ट्स खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध फंड कर रहे हैं। हमने भारत पर 25% टैरिफ लगाया, और अब यूरोप ने भारत के साथ डील कर ली!”
यह बयान ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी (भारत पर 25-50% टैरिफ) के बीच आया है, जो भारत को EU जैसे बड़े पार्टनर की ओर धकेल रहा है।
क्या होगा फायदा?
- भारत के लिए: निर्यात बूस्ट (टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो कंपोनेंट्स), FDI बढ़ेगा, चीन पर निर्भरता कम, सप्लाई चेन डाइवर्सिफाई।
- EU के लिए: भारत के विशाल बाजार में एंट्री (कारें, वाइन, लग्जरी गुड्स), निवेश अवसर।
- ग्लोबल इंपैक्ट: ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच भारत-EU का यह गठजोड़ नया वैश्विक ट्रेड ऑर्डर बनाएगा।






