उत्तर भारत में कपकपाती ठंड का कहर जारी है, और राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान तेजी से गिर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 16 जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम दर्ज किया गया है। घने कोहरे की चादर ने सुबह के समय विजिबिलिटी को 30 मीटर से भी कम कर दिया है, जिससे हाईवे, सड़कें और यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
किसानों के लिए वरदान बन रही ठंड बढ़ती सर्दी और कम तापमान किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। गेहूं की बुवाई पूरी हो चुकी है, और रात का तापमान 3-5 डिग्री के बीच बना हुआ है, जो फसल की अच्छी वृद्धि के लिए आदर्श माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड और कोहरा गेहूं की फसल को मजबूत बनाएगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा। हालांकि, पाला पड़ने की आशंका से कुछ सतर्कता बरतनी होगी।
तापमान और अलर्ट की स्थिति
- कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3-5 डिग्री के बीच रहा, जैसे भरतपुर में 6 डिग्री, जबकि अन्य क्षेत्रों में 3 डिग्री तक गिरावट।
- अधिकतम तापमान भी काफी कम: जयपुर में 9 डिग्री, सीकर में 8 डिग्री, बीकानेर में 8 डिग्री।
- मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक सर्दी बढ़ने, घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
- 25 जिलों में स्कूलों (कक्षा 1 से 8 तक) में छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं।
जनजीवन पर असर घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है, कई जगहों पर हादसे भी रिपोर्ट हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव की सलाह दी है। एनएचएआई ने हाईवे पर फॉग लाइट इस्तेमाल करने और कम स्पीड में चलने की अपील की है। ट्रेन और फ्लाइट सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।






