नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक संकेत मिले हैं, जहां विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने फरवरी 2026 के पहले हफ्ते में भारी खरीदारी की है। वहीं, टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर है कि आयकर विभाग ने नए इनकम टैक्स नियमों (Income-tax Rules, 2026) का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
FPI में तेजी का रुख
NSDL के आंकड़ों के अनुसार, FPI ने फरवरी के पहले 6 दिनों (6 फरवरी तक) में ₹8,129 करोड़ की नेट खरीदारी की है। यह तीन लगातार महीनों (नवंबर, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026) की भारी बिकवाली के बाद बड़ा बदलाव है। पिछले महीने जनवरी में FPI ने ₹35,962 करोड़ की बिकवाली की थी।
- कारण: भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते (India-US trade deal) से जोखिम कम होने और वैश्विक सेंटिमेंट में सुधार। इससे भारतीय इक्विटी में जोखिम भूख बढ़ी है।
- प्रभाव: FPI की यह खरीदारी बाजार में स्थिरता ला रही है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्क आशावाद बना हुआ है, क्योंकि वैल्यूएशन ऊंचे स्तर पर हैं और वैश्विक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
टॉप-10 कंपनियों में बड़ा उछाल
मार्केट कैप में टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 8 की वैल्यूएशन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इनकी कुल मार्केट वैल्यू ₹4.55 लाख करोड़ बढ़ गई है।
- प्रमुख लाभार्थी: रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, भarti एयरटेल आदि।
- यह उछाल FPI की वापसी, घरेलू निवेशकों की मजबूती और वैश्विक सेंटिमेंट के सुधार से जुड़ा है।
नए इनकम टैक्स नियमों का ड्राफ्ट
आयकर विभाग ने इनकम-टैक्स रूल्स, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है, जो नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को लागू करने के लिए तैयार किया गया है। यह पुराने 1961 के एक्ट की जगह लेगा।
- मुख्य बदलाव:
- नियमों की संख्या 511 से घटाकर 333 कर दी गई।
- फॉर्म्स की संख्या 399 से घटाकर 190।
- ITR फॉर्म्स (ITR-1 से ITR-7 तक) सरल और स्मार्ट बनाए गए – प्री-फिल, रिकॉन्सिलिएशन फीचर्स के साथ।
- HRA, होटल बिल, PAN कार्ड लिमिट, क्रिप्टो टैक्स आदि में संभावित बदलाव।
- पुरानी टैक्स रिजीम को और आकर्षक बनाने वाले प्रावधान, जिससे कई टैक्सपेयर्स को राहत मिल सकती है।
- उद्देश्य: टैक्स फाइलिंग को आसान बनाना, अनुपालन का बोझ कम करना।
- सुझाव की अवधि: ड्राफ्ट पर जनता से 22 फरवरी 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं।






