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March 12, 2026 12:24 pm

घरेलू LPG पर खतरा मंडरा रहा! 25-30 दिन का स्टॉक बचा, सरकार ने प्रोडक्शन 25% बढ़ाया—आपको घबराहट में बुकिंग नहीं करनी चाहिए

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 पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-अमेरिका-इज़राइल तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रुकने से भारत में एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक देश है, जहां सालाना करीब 31-33 मिलियन टन की खपत होती है—इसमें से लगभग 60% आयात से पूरी होती है और 85-90% आयात मिडिल ईस्ट (सऊदी अरब, कतर, यूएई आदि) से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है। हाल के दिनों में इस रूट पर डिसरप्शन के कारण आयात प्रभावित हुआ है, जिससे घरेलू और कमर्शियल दोनों स्तर पर संकट गहरा गया है।

कितने दिन का स्टॉक बचा है?

सरकारी सूत्रों और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के पास फिलहाल एलपीजी का 25-30 दिन का स्टॉक बचा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 2-3 हफ्ते (14-21 दिन) तक बताया गया है, जबकि शुरुआती चरण में यह 10 दिन तक सीमित होने की आशंका जताई गई थी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं (लगभग 33 करोड़ कनेक्शन) को प्राथमिकता दी जा रही है, इसलिए रसोई गैस की आपूर्ति अभी सामान्य रूप से चल रही है। लेकिन अगर संकट लंबा खिंचा तो स्थिति बिगड़ सकती है।

सरकार ने क्या कदम उठाए?

  • प्रोडक्शन में बढ़ोतरी: पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिफाइनरियों (IOCL, BPCL, HPCL आदि) को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने का आदेश दिया है। घरेलू उत्पादन में 25% तक की बढ़ोतरी हुई है (कुछ रिपोर्ट्स में 10% का दैनिक इजाफा बताया गया)। रिफाइनरियों को प्रोपेन-ब्यूटेन को LPG में डायवर्ट करने को कहा गया है।
  • घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता: कमर्शियल (होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे) और इंडस्ट्रियल यूजर्स की सप्लाई कटौती की जा रही है। अस्पतालों, स्कूलों जैसे जरूरी क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
  • बुकिंग नियम सख्त: जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए घरेलू सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अनिवार्य अंतर तय किया गया है (पहले 21 दिन था)। यानी पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के बाद कम से कम 25 दिन पूरे होने पर ही नया बुक कर पाएंगे।
  • डिलीवरी टाइमलाइन: सरकार ने आश्वासन दिया है कि बुकिंग के ढाई दिन (2.5 दिन) में सिलेंडर डिलीवर हो जाएगा—यह सामान्य समय है। घबराहट में ज्यादा बुकिंग न करें।
  • वैकल्पिक स्रोत: अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, रूस और वेस्ट अफ्रीका से अतिरिक्त खेपें मंगाई जा रही हैं। प्लान-B एक्टिव है।

कीमतों में उछाल और असर

7 मार्च 2026 से घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर 60 रुपये महंगा हो गया—दिल्ली में अब 913 रुपये, मुंबई में 912.50, कोलकाता में 939 और चेन्नई में 928.50 रुपये। कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये तक बढ़ा। कई शहरों में इंडक्शन कुकटॉप की डिमांड 3-10 गुना बढ़ गई, स्टॉक खत्म हो गया। होटल-रेस्टोरेंट में बंद होने की आशंका है—कई जगह परूठे, डोसा, पिज्जा जैसे आइटम्स हटाए जा रहे हैं।

आपको क्या करना चाहिए? (घबराहट न करें!)

  • घबराहट में बुकिंग न करें: ज्यादा सिलेंडर जमा करने से संकट और बढ़ेगा। सामान्य उपयोग जारी रखें।
  • बचत करें: गैस की खपत कम करने की कोशिश करें—धीमी आंच पर पकाएं, ढक्कन लगाकर पकाएं।
  • वैकल्पिक तैयार रखें: इंडक्शन, माइक्रोवेव, इलेक्ट्रिक कुकर या पीएनजी (अगर उपलब्ध) का इस्तेमाल सोचें।
  • आधिकारिक अपडेट फॉलो करें: पेट्रोलियम मंत्रालय, IOCL/HPCL/BPCL ऐप्स या वेबसाइट से सही जानकारी लें। फेक न्यूज से बचें।
  • जरूरत पड़ने पर: अगर सिलेंडर खत्म हो जाए और 25 दिन पूरे न हुए हों, तो एजेंसी से संपर्क करें—विशेष मामलों में छूट मिल सकती है।

पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, कोई राष्ट्रव्यापी संकट नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं की रसोई को प्राथमिकता है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं। लेकिन अगर जंग लंबी चली तो चुनौतियां बढ़ सकती हैं—सभी को ऊर्जा बचत और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है

Rashima Repoter
Author: Rashima Repoter

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