नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच सिगरेट पीने की आदत आज भी बड़ी संख्या में लोगों के बीच आम है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो 30 वर्ष की उम्र पार करने के बाद यह आदत और भी ज्यादा खतरनाक हो जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती उम्र और स्मोकिंग का मेल दिल के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है और हार्ट अटैक का जोखिम कई गुना बढ़ा देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सिगरेट में मौजूद निकोटीन और अन्य हानिकारक रसायन शरीर की रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) को संकुचित कर देते हैं। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। समय के साथ यह स्थिति धमनियों में ब्लॉकेज (atherosclerosis) का कारण बनती है, जो हार्ट अटैक की प्रमुख वजह है।
डॉक्टरों का कहना है कि 30 साल के बाद शरीर की रिकवरी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति लगातार धूम्रपान करता है, तो उसके दिल पर इसका असर और तेजी से पड़ता है। यही कारण है कि इस उम्र के बाद स्मोकिंग करने वालों में हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि स्मोकिंग करने वाले लोगों में स्ट्रेस लेवल भी अधिक होता है, जो दिल की सेहत को और खराब करता है। इसके अलावा, धूम्रपान फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ पूरे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को प्रभावित करता है, जिससे थकान, सांस फूलना और अन्य समस्याएं भी बढ़ती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि कोई व्यक्ति 30 वर्ष की उम्र पार कर चुका है और अभी भी सिगरेट पी रहा है, तो उसे तुरंत इस आदत को छोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए डॉक्टर की मदद, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी और काउंसलिंग जैसे उपाय काफी प्रभावी साबित हो सकते हैं।
इसके साथ ही नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और तनाव को नियंत्रित करने जैसे कदम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि स्मोकिंग छोड़ने के बाद शरीर में सकारात्मक बदलाव जल्दी दिखाई देने लगते हैं। कुछ ही हफ्तों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दिल पर दबाव कम होने लगता है।
कुल मिलाकर, सिगरेट और बढ़ती उम्र का यह खतरनाक संयोजन नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय रहते जागरूक होकर इस आदत को छोड़ना ही दिल को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी उपाय है।







