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March 15, 2026 1:18 pm

चीन का 6th जनरेशन फाइटर हवा में: AMCA पर भारी पड़ गया, कहीं पाकिस्तान चाइनीज टेक से आगे न बढ़ जाए!

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वैश्विक एयर पावर की रेस में चीन ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस की 2025 रिपोर्ट और हाल की सैटेलाइट इमेजेस/सोशल मीडिया लीक से साफ हो गया है कि चीन के दो 6th जनरेशन फाइटर प्रोटोटाइपचेंगदू J-36 और शेनयांग J-50 – पहले ही फ्लाइट टेस्टिंग फेज में हैं। दिसंबर 2024 में पहली उड़ान के बाद अब 2025-2026 में कई प्रोटोटाइप (तीसरा और चौथा तक) हवा में देखे जा चुके हैं, जिसमें टेललेस (बिना पूंछ वाले) डिजाइन, अल्ट्रा-लॉन्ग रेंज, एडवांस्ड स्टीथ, AI-इंटीग्रेटेड सिस्टम और ड्रोन टीमिंग जैसी 6th जनरेशन फीचर्स शामिल हैं।

यह विकास भारत के AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) प्रोग्राम पर भारी पड़ रहा है, जो अभी भी 5th जनरेशन कैटेगरी में है। DRDO और ADA के अनुसार, AMCA का पहला प्रोटोटाइप रोलआउट 2026-2027 में और पहली उड़ान 2028 में होने की उम्मीद है, जबकि इंडक्शन 2034-2035 तक हो सकती है। यानी भारत जब 5th जनरेशन में एंट्री करेगा, तब चीन 6th जनरेशन में आगे निकल चुका होगा।

चीन की रैपिड प्रोग्रेस का राज

  • J-36: बड़ा, ट्रिपल-इंजन वाला, लॉन्ग-रेंज एयर सुपीरियरिटी फाइटर – 2024 में पहली उड़ान, 2025-2026 में कई अपग्रेडेड प्रोटोटाइप टेस्ट (सॉ फ्लाइट टेस्टिंग में रिफाइनमेंट जैसे 2D थ्रस्ट वेक्टरिंग, नई DSI इंटेक्स)।
  • J-50: छोटा, ट्विन-इंजन, टेललेस लैम्ब्डा विंग डिजाइन – 2024 में फ्लाइट, 2025 में हाई-रेजोल्यूशन इमेजेस में दिखा, ऑल-एस्पेक्ट स्टीथ पर फोकस।
  • दोनों प्रोग्राम पैरलल चल रहे हैं, जिससे चीन 2030 के शुरुआती सालों में ऑपरेशनल कैपेबिलिटी हासिल कर सकता है – अमेरिका के NGAD/F-47 (2028 फर्स्ट फ्लाइट) से भी तेज।

पेंटागन रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन “सिस्टम ऑफ सिस्टम्स” अप्रोच पर काम कर रहा है, जिसमें मैनेड-अनमैनेड टीमिंग, एक्सपोनेंशियल स्टीथ रिडक्शन और सेंसिंग पावर शामिल है। यह भारत के लिए बड़ा चैलेंज है, क्योंकि AMCA अभी GE F-414 इंजन पर निर्भर है और Mk2 वर्जन (हाई-थ्रस्ट इंजन) 2040 तक आ सकता है।

पाकिस्तान को मिल रहा है फायदा? दूसरी तरफ, पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) चीन से J-35 (5th जनरेशन स्टीथ फाइटर) की डिलीवरी 2026-2027 में शुरू करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 से 12 J-35E (एक्सपोर्ट वर्जन) की पहली बैच जल्द आएगी, जो F-16 की जगह लेगी। कुछ सोर्सेज 30-40 J-35A की बात कर रहे हैं, साथ में KJ-500 AEW&C और HQ-19 BMD सिस्टम।

अगर पाकिस्तान J-35 को जल्दी इंडक्ट कर लेता है, तो वह भारत से पहले 5th जनरेशन में एंट्री कर जाएगा – जबकि भारत AMCA में अभी प्रोटोटाइप स्टेज पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की तेज टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (J-35 पाकिस्तान को पहले एक्सपोर्ट) से साउथ एशिया में एयर बैलेंस बिगड़ सकता है। पाकिस्तान पहले से J-10C, JF-17 ब्लॉक III जैसे प्लेटफॉर्म्स पर चीन पर निर्भर है, और J-35 से वह भारत के राफेल और S-400 सिस्टम को चैलेंज कर सकता है।

भारत की स्थिति और चिंता IAF और DRDO का फोकस AMCA को तेज करने पर है – प्राइवेट सेक्टर को शामिल किया गया है, लेकिन टाइमलाइन में देरी का खतरा बना हुआ है। एयर चीफ मार्शल ने हाल ही में कन्फर्म किया कि AMCA 2028 में फ्लाइट और 2035 में इंडक्शन पर ट्रैक है। लेकिन चीन की 6th जनरेशन रेस और पाकिस्तान की J-35 डील से IAF को लग रहा है कि रीजनल एयर सुपीरियरिटी में गैप बढ़ सकता है।

निष्कर्ष में चीन ने जो सोचा, वह कर दिखाया – 6th जनरेशन फाइटर हवा में उड़ रहा है, जबकि भारत 5th जनरेशन में एंट्री की तैयारी कर रहा है। अब सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान चाइनीज टेक से फायदा उठाकर भारत से आगे निकल जाएगा? आने वाले सालों में यह एयर पावर बैलेंस का बड़ा फैक्टर बनेगा। भारत को अब DRDO-HAL प्रोजेक्ट को और तेज करना होगा, वरना पड़ोसी की रफ्तार से मुकाबला मुश्किल हो जाएगा।

Rashima Repoter
Author: Rashima Repoter

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