जयपुर। जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए जमीनी तैयारी शुरू हो गई है। इसी साल अक्टूबर-नवम्बर माह में प्री-टेस्ट के साथ जनगणना की औपचारिक शुरूआत हो जाएगी। प्री-टेस्ट के लिए प्रदेश में चार क्षेत्र चिह्नित किए गए है, जिनमें जयपुर की एक कच्ची बस्ती, बाड़मेर शहर के 7 वार्ड व बाड़मेर जिले के दूरदराज के 21 गांव और सांगवाड़ा (डूंगरपुर) आदिवासी क्षेत्र के 58 गांवों में जनगणना के पहले चरण के प्रस्तावित सवाल पूछे जाएंगे।
Health Tips: जानिए कैसे करेगा काम…….’अब इंजेक्शन से घटेगा वजन, भारत में ‘वेगोवी’ लॉन्च…..
जानकारी मोबाइल ऐप पर दर्ज होगी, जो लगभग तैयार है और जल्द लांच होगा। देश में जनगणना को दुनिया का सबसे बड़ा प्रशासनिक कार्य कहा जाता है। जनगणना के दो चरण होंगे और दोनों चरण में प्रगणक जानकारी दर्ज करने के लिए हर घर पहुंचेंगे। जनगणना 2021 के लिए प्रदेश में करीब डेढ़ लाख कर्मचारी-अधिकारी तैनात किए गए, लेकिन कोविड के कारण उस दौरान जनगणना का कार्य नहीं हो सका।
मानदेय भी दिया जाएगा
प्रशिक्षण सहित प्री-टेस्ट में जनगणना कार्य के लिए तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को प्री-टेस्ट अवधि के दौरान ‘ड्यूटी पर’ माना जाएगा और उनका वेतन मूल विभाग से आएगा। इसके अलावा सभी को अतिरिक्त मानदेय भी दिया जाएगा।
इनसे संबंधित होगा प्री-टेस्ट
- स्वगणनाः पहली बार लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
- मैपिंगः डिजिटल मैपिंग डिवाइस का फील्ड परीक्षण
- मॉनिटरिंगः रीयल टाइम मॉनिटरिंग
- प्रबंधनः पूरा कार्य वेब-आधारित पोर्टल के माध्यम से मैनेज होगा।
- प्रश्नावलीः सभी प्रश्न के उत्तर मोबाइल एप पर दर्ज होंगे।
सब कुछ वास्तविक जनगणना की तरह होगा
- प्रस्तावित प्रश्नों का अभ्यास
- प्रशिक्षण व डेटा की गुणवत्ता का परीक्षण
- डेटा संग्रहण सिस्टम का परीक्षण
दिशा-निर्देश जारी
- जनगणना महारजिस्ट्रार की ओर से जनगणना प्री-टेस्ट के बारे में हाल ही मुख्य सचिव को दिशा-निर्देश आए हैं।
- मोबाइल ऐप का 3 स्तर पर परीक्षण
- सबसे पहले जनगणना रजिस्ट्रार जनरल ऑफिस में ट्रायल होगा।
- फिर सभी राज्यों में जनगणना कार्य निदेशालयों में ट्रायल होगा।
- प्री-टेस्ट के लिए चिह्नित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर ट्रायल होगा।
