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March 19, 2026 1:56 pm

अमेरिका में RSS-RAW पर बैन की पुकार! USCIRF की रिपोर्ट, भारत ने लगाई लताड़ – “हमारे खिलाफ डिस्टॉर्टेड इमेज, पहले खुद देखो!”

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नई दिल्ली, 17 मार्च 2026: अमेरिका के एक सरकारी सलाहकार संगठन यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने फिर से भारत पर बड़ा हमला बोला है! अपनी 2026 एनुअल रिपोर्ट में USCIRF ने भारत को “कंट्री ऑफ पार्टिकुलर कंसर्न” (CPC) घोषित करने की सिफारिश की है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) तथा रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर टारगेटेड सैंक्शंस लगाने की मांग की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि RSS और RAW “धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार हैं और इनकी सहनशीलता है” – इसलिए इनके एसेट्स फ्रीज किए जाएं, अमेरिका में एंट्री बैन लगाई जाए। साथ ही अमेरिका से भारत को हथियार बिक्री और ट्रेड पॉलिसी को धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ने की सलाह दी गई है।

USCIRF की रिपोर्ट में क्या-क्या आरोप?

  • 2025 में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति और बिगड़ी – सरकार ने नए कानून बनाए जो अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को टारगेट करते हैं।
  • RSS को “हिंदू राष्ट्रवादी संगठन” बताते हुए कहा कि ये धार्मिक अल्पसंख्यकों (मुस्लिम, ईसाई आदि) के खिलाफ हिंसा और भेदभाव को बढ़ावा देता है।
  • RAW पर आरोप: ट्रांसनेशनल रिप्रेशन (विदेश में भारतीयों पर दबाव) के मामले में शामिल, जैसे अमेरिका में सिख एक्टिविस्ट्स पर कथित हमले।
  • सिफारिशें: भारत को CPC टैग, सैंक्शंस, आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट के तहत हथियार बिक्री रोकना, और कांग्रेस में ट्रांसनेशनल रिप्रेशन रिपोर्टिंग एक्ट पास कराना।

ये रिपोर्ट 7 साल से लगातार भारत को CPC टैग की सिफारिश कर रही है, लेकिन अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने अब तक इसे लागू नहीं किया है। इस बार RSS को नाम से टारगेट करना बड़ा बदलाव माना जा रहा है – कई संगठनों (जैसे Hindus for Human Rights, Justice For All) ने इसे “मेजर शिफ्ट” बताया है।

भारत की तगड़ी लताड़ – MEA का करारा जवाब! विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने रिपोर्ट को “मोटिवेटेड और बायस्ड” बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा:

  • “हम USCIRF की रिपोर्ट और भारत की मोटिवेटेड तथा बायस्ड विशेषता को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हैं।”
  • “कई सालों से USCIRF भारत की डिस्टॉर्टेड और सेलेक्टिव पिक्चर पेश कर रहा है – क्वेश्चनेबल सोर्सेज और आइडियोलॉजिकल नैरेटिव्स पर आधारित, न कि ऑब्जेक्टिव फैक्ट्स पर।”
  • “ऐसी बार-बार गलत प्रस्तुति कमीशन की अपनी क्रेडिबिलिटी को कमजोर करती है।”
  • MEA ने अमेरिका से कहा: “पहले खुद देखो – अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमले, वंदलिज्म और हेट क्राइम्स पर कार्रवाई करो। सेलेक्टिव टारगेटिंग बंद करो!”

कांग्रेस का रिएक्शन: कांग्रेस ने रिपोर्ट का स्वागत किया और कहा कि ये RSS के खिलाफ उनकी चिंताओं को वैलिडेट करता है – RSS राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है।

क्या होगा आगे? ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन पिछले सालों की तरह स्टेट डिपार्टमेंट इसे इग्नोर कर सकता है क्योंकि भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत हैं (QUAD, डिफेंस डील्स आदि)। USCIRF एक एडवाइजरी बॉडी है, उसकी सिफारिशें बाइंडिंग नहीं। लेकिन ये रिपोर्ट भारत-अमेरिका रिश्तों में नया तनाव पैदा कर सकती है।

अमेरिका में RSS-RAW पर बैन की पुकार! USCIRF की रिपोर्ट से बड़ा विवाद, लेकिन भारत ने लगाई करारी लताड़ – “डिस्टॉर्टेड इमेज, पहले खुद देखो!” ये है असली डिप्लोमेसी की ताकत।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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