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January 15, 2026 10:50 pm

Budget 2026: निर्मला सीतारमण के बजट में टैक्सपेयर्स को मिल सकती है कौन-कौन सी राहत?

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यूनियन बजट 2026 पेश होने में अब महज कुछ हफ्ते बचे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट संसद में पेश करेंगी। यह उनका नौवां लगातार पूर्ण बजट होगा, जो उन्हें इतिहास रचने वाली वित्त मंत्री बनाएगा। पिछले बजटों की तरह इस बार भी मध्यम वर्ग और सैलरीड टैक्सपेयर्स की नजरें टैक्स राहत पर टिकी हुई हैं, खासकर नई टैक्स रिजीम को और आकर्षक बनाने पर।

निर्मला सीतारमण का टैक्स रिफॉर्म्स का सफर वित्त मंत्री ने 2020 में ही नई टैक्स रिजीम की शुरुआत की थी, जिसका मकसद कम दरों और कम छूटों के साथ सरल टैक्स सिस्टम बनाना था। हर बजट में उन्होंने इसे मजबूत किया:

  • बजट 2025 में सबसे बड़ा ऐलान था – नई रिजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को पूरी तरह टैक्स-फ्री करना। सैलरीड लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह सीमा 12.75 लाख रुपये तक पहुंच गई।
  • बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट को 3 लाख से बढ़ाकर 4 लाख किया गया।
  • टैक्स स्लैब्स में बदलाव कर मिडिल इनकम ग्रुप को राहत दी गई।

इन बदलावों से नई रिजीम की लोकप्रियता बढ़ी है। अब 70-80% से ज्यादा टैक्सपेयर्स नई रिजीम चुन रहे हैं, जबकि पुरानी रिजीम में डिडक्शन्स के बावजूद कम लोग बचे हैं।

बजट 2026 में क्या उम्मीदें? पिछले साल की बड़ी राहत के बाद इस बार उम्मीदें ज्यादा सतर्क हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार अब स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स पर फोकस कर सकती है:

  • नई टैक्स रिजीम को और मजबूत बनाना, शायद पुरानी रिजीम को धीरे-धीरे खत्म करने की ओर कदम।
  • 30 लाख से 50 लाख रुपये की आय पर नया 25% स्लैब जोड़ना, ताकि हाई इनकम ग्रुप पर ज्यादा बोझ न पड़े और प्रोपोर्शनल टैक्सेशन बेहतर हो।
  • जॉइंट फाइलिंग की सुविधा मैरिड कपल्स के लिए, जिससे फैमिली इनकम पर बेहतर राहत मिले।
  • 80C डिडक्शन लिमिट बढ़ाने या हाउसिंग लोन इंटरेस्ट पर छूट की मांग।
  • सीनियर सिटीजन्स के लिए पेंशन और इंटरेस्ट इनकम पर ज्यादा राहत।
  • टैक्स फाइलिंग, रिफंड और TDS को और आसान बनाना, क्योंकि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।

नई रिजीम के मौजूदा स्लैब्स (FY 2025-26 से)

  • 0 से 4 लाख: 0%
  • 4 से 8 लाख: 5%
  • 8 से 12 लाख: 10%
  • और ऊपर के स्लैब्स में बढ़ोतरी।

12 लाख तक टैक्स-फ्री होने से मिडिल क्लास की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ी है, जो खपत और बचत को बढ़ावा दे रही है। लेकिन महंगाई और ग्लोबल चुनौतियों के बीच मध्यम वर्ग को और राहत की उम्मीद बनी हुई है।

बजट सेशन 28 जनवरी से शुरू होगा, और इकोनॉमिक सर्वे 29 जनवरी को पेश किया जाएगा। सभी की नजरें हैं कि क्या निर्मला सीतारमण इस बार भी मिडिल क्लास को सरप्राइज देंगी या फोकस नए टैक्स कानून की स्मूद ट्रांजिशन पर रहेगा।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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