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January 28, 2026 8:06 am

Budget 2026 Expectations: बजट 2026 में क्या होगा खास? मध्यम वर्ग को टैक्स राहत और FMCG सेक्टर के लिए मांग बढ़ाने पर हो सकता है जोर

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बजट 2026 ऐसे समय में पेश होने जा रहा है जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद वैश्विक व्यापार पर बड़े बदलाव की आशंका है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ (टैरिफ) और संरक्षणवादी नीतियों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है, जिसका असर भारत के निर्यात पर भी पड़ सकता है।

ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 (FY27) से घरेलू विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को मजबूत करने और बाहरी झटकों से अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।

ट्रंप टैरिफ का संभावित प्रभाव और भारत की रणनीति

ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका ने भारत सहित कई देशों पर 25-50% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाए हैं, खासकर रूसी तेल आयात और अन्य क्षेत्रों में। इससे भारत के निर्यात (जैसे टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, शिपिंग, ऑटो कंपोनेंट्स आदि) पर दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे भारत के जीडीपी पर 0.9-1% तक का नकारात्मक असर पड़ सकता है, लेकिन घरेलू मांग की मजबूती से यह प्रभाव सीमित रहेगा।

इस चुनौती से निपटने के लिए बजट में निम्नलिखित पर जोर रहने की संभावना है:

  • आत्मनिर्भर भारत को और मजबूत करना: PLI स्कीम का विस्तार, घरेलू उत्पादन के लिए सब्सिडी और कच्चे माल पर राहत।
  • आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा: क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलिमेंट्स में निवेश बढ़ाना ताकि चीन या अन्य देशों पर निर्भरता कम हो।
  • एमएसएमई को सपोर्ट: सस्ते क्रेडिट, क्रेडिट गारंटी और टैरिफ शॉक्स से बचाव के लिए विशेष फंड या राहत पैकेज।
  • एक्सपोर्ट डायवर्सिफिकेशन: यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, यूके और यूएई जैसे नए बाजारों पर फोकस, साथ ही एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स) को तेज करना।

अन्य प्रमुख उम्मीदें

बजट में ग्रोथ-ड्राइविंग सेक्टर्स पर फोकस रहेगा:

  • इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे: कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर रोजगार और विकास को गति देना।
  • टेक और एआई: एआई, डेटा सेंटर्स और लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर निवेश, R&D को बढ़ावा।
  • रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन एनर्जी: न्यूक्लियर, सोलर और क्रिटिकल मिनरल्स में बड़ा पुश।
  • टैक्स राहत और सरलीकरण: मध्यम वर्ग के लिए टैक्स स्लैब में राहत, TDS नियमों में सुधार और पेंडिंग टैक्स विवादों का तेज निपटारा।
  • डिफेंस और हेल्थकेयर: आत्मनिर्भर डिफेंस प्रोडक्शन और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर फोकस।

कुल मिलाकर, बजट 2026 वैश्विक अनिश्चितताओं (ट्रंप टैरिफ, जियो-पॉलिटिकल टेंशन) के बीच आत्मनिर्भरता और घरेलू मजबूती पर केंद्रित रहने वाला एक रणनीतिक बजट साबित हो सकता है। इससे भारत न केवल बाहरी झटकों से बचेगा, बल्कि वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट विकसित भारत 2047 के विजन को गति देने वाला होगा।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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