यह मामला उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के खोया मंडी इलाके का है, जहां 25 फरवरी 2026 की रात किरन पुरवार (65 वर्ष) की उनके घर में हत्या कर दी गई। किरन पैरालिसिस (लकवा) से ग्रस्त थीं और पूरी तरह बिस्तर पर निर्भर रहती थीं। उनके पति संतोष पुरवार किराना कारोबारी हैं और उस रात दुकान पर थे।
घटना का विवरण
- किरन का शव बिस्तर पर मिला, कान से सोने के कुंडल गायब थे, जिससे शुरुआत में पुलिस ने इसे लूट के दौरान हत्या का केस माना।
- लेकिन घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को कांच की टूटी चूड़ी का एक छोटा टुकड़ा मिला, जो जांच का टर्निंग पॉइंट बना।
- यह टुकड़ा घर में 8 साल से काम करने वाली नौकरानी आशा रैकवार (40) की चूड़ियों से मैच कर गया।
- पुलिस ने आशा और उसके 27 साल के बेटे सोनू को गिरफ्तार किया। दोनों ने पूछताछ में जुर्म कबूल लिया।
हत्या का मोटिव और तरीका
आशा ने बताया कि पिछले 8 सालों में मालकिन किरन छोटी-छोटी बातों पर उसे बार-बार डांटती थीं, अपमानित करती थीं और भद्दी-भद्दी गालियां देती थीं। रोजाना की इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आशा ने बदला लेने की ठान ली। उसने बेटे सोनू को साजिश में शामिल किया। 25 फरवरी की रात मौका मिलते ही दोनों ने मिलकर किरन के मुंह पर तकिया दबाकर दम घोंटकर हत्या कर दी। हत्या को चोरी का रूप देने के लिए कुंडल उतारे गए।
पुलिस की कार्रवाई
- महोबा पुलिस (एसपी और सदर क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में) ने रविवार (1 मार्च 2026) को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
- यह खुलासा महज एक छोटे सुराग (टूटी चूड़ी) से हुआ, जो अपराधियों की लापरवाही को दर्शाता है।
यह केस घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और बदले की भावना से जुड़ा एक दर्दनाक उदाहरण है। पूरा इलाका इस क्रूर हत्याकांड से सदमे में है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन मुख्य आरोपी पकड़े जा चुके हैं।






