पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और बड़ा झटका दिया है। गुरुवार (12 मार्च 2026) को SVU की टीम ने बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के डीजीएम (प्रोजेक्ट्स) पंकज कुमार के पटना स्थित आवासीय और कार्यालय परिसरों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी ने अपनी लगभग 11 वर्षों की सरकारी सेवा के दौरान 96 लाख 46 हजार 666 रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक है।
छापेमारी का विवरण और बरामदगी
- SVU ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(b), 13(2) और 12 के तहत कांड संख्या 10/2026 दर्ज किया है।
- छापेमारी पटना के पॉश इलाके कदमकुआं स्थित ‘कनिका मैहर अपार्टमेंट’ और BMSICL कार्यालय में सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई।
- इस दौरान कैश, गहने, जमीन से संबंधित दस्तावेज, आभूषण और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई।
- आरोपी पंकज कुमार उस समय परिवार सहित घर पर मौजूद थे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
- SVU की टीम अभी भी जांच जारी रखे हुए है और बरामद दस्तावेजों की छानबीन कर रही है। आगे और संपत्ति का पता लगने की संभावना जताई जा रही है।
आरोप और जांच की पृष्ठभूमि
SVU की जांच में पाया गया कि पंकज कुमार ने विभिन्न सरकारी पदों पर रहते हुए पद का दुरुपयोग किया और भ्रष्टाचार के जरिए यह संपत्ति जमा की। उनकी वैध सैलरी और ज्ञात आय स्रोतों से यह राशि कई गुना अधिक बताई जा रही है। बिहार में SVU ने 2025-26 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज किया है, जिसमें कई बड़े अधिकारी शामिल हो चुके हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है।
बिहार में बढ़ती कार्रवाई
- SVU के ADG के नेतृत्व में विभाग जैसे राजस्व, शिक्षा, पंचायती राज, स्वास्थ्य आदि में सघन जांच चल रही है।
- हाल के महीनों में कई अधिकारियों के खिलाफ DA (Disproportionate Assets) केस दर्ज हो चुके हैं, जिसमें करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई है।
- सरकार का साफ संदेश है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे पद कितना भी ऊंचा हो।
यह मामला स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और ईमानदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है, क्योंकि BMSICL मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और आपूर्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें संपत्ति जब्ती और गिरफ्तारी शामिल हो सकती है।
SVU की यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। आगे की अपडेट्स के लिए नजर बनाए रखें।






