भोपाल (मध्य प्रदेश) में हाल ही में एक मेडिकल सेमिनार में डॉक्टरों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि मधुमेह (डायबिटीज) अब साइलेंट हार्ट अटैक (मूक हृदयाघात) की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है।
क्या है साइलेंट हार्ट अटैक?
साइलेंट हार्ट अटैक वो स्थिति है जिसमें दिल का दौरा पड़ता है, लेकिन इसके कोई स्पष्ट या गंभीर लक्षण नहीं दिखते। मरीज को सीने में तेज दर्द, सांस फूलना या अन्य क्लासिक संकेत महसूस नहीं होते। ऐसे में अटैक होने के बाद भी व्यक्ति सामान्य काम करता रहता है, लेकिन दिल की मांसपेशियां धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। यह “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि यह बिना चेतावनी के जानलेवा साबित हो सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार डायबिटीज क्यों है सबसे बड़ा कारण?
- डायबिटीज की वजह से दिल की बड़ी नसें (कोरोनरी आर्टरीज़) में ब्लॉकेज तेजी से बढ़ता है।
- हाई ब्लड शुगर लंबे समय तक नसों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कम उम्र में ही हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
- डायबिटीज के मरीजों में लक्षण छिपे रहते हैं, जैसे थकान, सांस की तकलीफ या हल्का दर्द, जिन्हें अक्सर सामान्य समझ लिया जाता है।
- डॉक्टरों ने कहा कि अब युवाओं में भी साइलेंट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर अनियंत्रित डायबिटीज वाले लोगों में। रात में ब्रेन स्ट्रोक और सुबह हार्ट अटैक के केस ज्यादा देखे जा रहे हैं।
अन्य प्रमुख जोखिम कारक
डॉक्टरों के मुताबिक, डायबिटीज के अलावा ये भी साइलेंट अटैक को बढ़ावा देते हैं:
- हाई ब्लड प्रेशर
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- तनाव और अनियमित लाइफस्टाइल
- धूम्रपान या तंबाकू
- मोटापा और कम शारीरिक गतिविधि
बचाव के लिए क्या करें?
- नियमित ब्लड शुगर, BP और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाएं।
- डायबिटीज है तो उसे सख्ती से कंट्रोल रखें (दवाएं, डाइट, एक्सरसाइज)।
- हेल्दी डाइट लें: कम तेल-चीनी, ज्यादा फल-सब्जियां।
- रोजाना 30-45 मिनट व्यायाम करें।
- 40 साल से ऊपर हैं तो नियमित ECG या हार्ट चेकअप करवाएं।
- लक्षण दिखें जैसे असामान्य थकान, सांस फूलना, या मतली तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।






