राजस्थान की राजधाaipur में मिलावटखोरी नी Jके खिलाफ पुलिस और खाद्य विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में जवाहर नगर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 5 दिनों के भीतर दूसरी बार भारी मात्रा में नकली पनीर बरामद किया है। इस बार छापेमारी के दौरान 700 किलो से ज्यादा संदिग्ध पनीर पकड़ा गया, जिसे बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी।
पुलिस के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में नकली पनीर का कारोबार चल रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक ठिकाने पर छापा मारा, जहां बड़ी मात्रा में पनीर जैसी दिखने वाली सामग्री तैयार की जा रही थी। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह पनीर दूध से नहीं बल्कि केमिकल और घटिया सामग्री से बनाया गया था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से कई उपकरण, केमिकल और पैकिंग सामग्री भी बरामद की है, जिससे यह साफ होता है कि यह संगठित तरीके से चलाया जा रहा अवैध कारोबार था। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह नकली पनीर किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि शहर में मिलावटखोरी का नेटवर्क काफी सक्रिय है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह सीधे उनके स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नकली पनीर का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। इससे फूड प्वाइजनिंग, पेट से जुड़ी समस्याएं और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और स्रोत की जांच जरूर करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







