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March 5, 2026 2:47 pm

बेंगलुरु की सब्जियां बन गईं जहर – बैंगन में लेड 20 गुना ज्यादा, डॉक्टर बोले ऐसे बचें!

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बेंगलुरु की सब्जियां बन गईं जहर – बैंगन में लेड 20 गुना ज्यादा, डॉक्टर बोले ऐसे बचें!

बेंगलुरु, 5 मार्च 2026: कर्नाटक की आईटी हब बेंगलुरु में अब सब्जियां भी सेहत के लिए खतरा बनती जा रही हैं। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की एक जॉइंट कमिटी ने हाल ही में शहर और आसपास के बाजारों से 72 सब्जियों के सैंपल जांचे, जिसमें से 19 सैंपल (करीब 26%) में लेड (सीसा) की मात्रा FSSAI की तय सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा पाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बैंगन में लेड की मात्रा 1.953 mg/kg तक पहुंच गई, जबकि सुरक्षित सीमा सिर्फ 0.1 mg/kg है – यानी लगभग 20 गुना ज्यादा! यहां तक कि एक “ऑर्गेनिक” लेबल वाला बैंगन का सैंपल भी इस जहरीली धातु से दूषित पाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, छोटी लौकी (टोंडेकाई या ivy gourd) में लेड 18 गुना, फ्लैट बीन्स में 9 गुना और पत्तेदार सब्जियों में भी 5 गुना तक ज्यादा मिला। अन्य प्रभावित सब्जियों में करेला, बीन्स, गोभी, शिमला मिर्च, खीरा आदि शामिल हैं। जांच में 18 तरह के कीटनाशकों के अवशेष भी मिले, जिनमें से 12 प्रतिबंधित या ज्यादा मात्रा में थे।

कारण क्या हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदूषण मुख्य रूप से अनट्रीटेड या आंशिक रूप से ट्रीटेड सीवेज पानी से सिंचाई, शहर की हवा से गिरने वाली धूल और दूषित मिट्टी के कारण हो रहा है। बेंगलुरु के आसपास के खेतों में सीवेज का इस्तेमाल आम है, जिससे भारी धातुएं सब्जियों में पहुंच रही हैं।

सेहत पर क्या असर? लेड एक “स्लो पॉइजन” है। लंबे समय तक इसका सेवन बच्चों में ब्रेन डेवलपमेंट प्रभावित करता है, IQ कम कर सकता है, एनीमिया, किडनी फेलियर, हाई ब्लड प्रेशर और नर्वस सिस्टम की समस्या पैदा कर सकता है। वयस्कों में भी हार्ट, किडनी और प्रजनन स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

डॉक्टरों की सलाह – ऐसे बचें! स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी टिप्स दिए हैं:

  • सब्जियां खरीदते समय ताजा और लोकल ऑर्गेनिक चुनें, लेकिन लेबल पर भरोसा न करें – जांच रिपोर्ट्स देखें।
  • सब्जियों को अच्छी तरह धोएं: 2-3 बार साफ पानी में भिगोकर, फिर सिरका या बेकिंग सोडा के घोल में 10-15 मिनट रखें, फिर बहते पानी से धो लें।
  • छिलके वाली सब्जियां छीलकर इस्तेमाल करें (जहां संभव हो)।
  • पत्तेदार सब्जियों को ज्यादा उबालकर पानी फेंक दें, क्योंकि लेड पानी में घुल जाता है।
  • घर पर ही सब्जियां उगाएं अगर संभव हो – छोटे गमलों में भी ऑर्गेनिक तरीके से।
  • विविध आहार लें, रोज एक ही सब्जी न खाएं।
  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।
  • अगर लक्षण जैसे थकान, सिरदर्द, पेट दर्द दिखें तो डॉक्टर से जांच करवाएं।

यह रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को सौंपी गई है, और अब अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है। बेंगलुरु वासियों को सलाह है – सेहत पहले, सब्जी बाद में! अपनी थाली को सुरक्षित बनाने के लिए जागरूक रहें।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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