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March 7, 2026 2:10 pm

ईरान पर हमले नहीं रुकेंगे! अमेरिका ने 3000+ ठिकानों पर बरसाया कहर, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में तेजी

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जयपुर, 7 मार्च 2026: मध्य पूर्व में युद्ध की आग और भड़क गई है। अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ऑपरेशन शुरू होने के पहले हफ्ते में ही 3000 से ज्यादा ईरानी ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। इनमें कमांड सेंटर, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और मिलिट्री कम्युनिकेशन नेटवर्क शामिल हैं।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान की नौसेना को बुरी तरह तबाह कर दिया गया है। अब तक 43 ईरानी जहाज क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुके हैं, जिसमें ड्रोन कैरियर और अन्य युद्धपोत शामिल हैं। CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, “हमारी सेना ने ईरान की नौसेना को लगभग खत्म कर दिया है और मिसाइल हमलों को 90% तक कम कर दिया है। अगला चरण ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता को पूरी तरह नष्ट करना है।”

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने साफ लहजे में ईरान से “बिना शर्त समर्पण” की मांग की है। उन्होंने कहा, “ईरान की एयरफोर्स और नेवी अब खत्म हो चुकी है। हम उनके न्यूक्लियर सपनों को कभी पूरा नहीं होने देंगे।” व्हाइट हाउस के अनुसार, यह अभियान 4 से 6 हफ्ते तक चल सकता है, और अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार और संसाधन हैं।

ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई जारी है। ईरान ने अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें कुछ अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, “हम ग्राउंड इनवेजन का इंतजार कर रहे हैं और इसे बड़ा झटका देंगे।” ईरान ने रूस से इंटेलिजेंस सपोर्ट भी लिया है।

इस बीच, तेहरान में बड़े पैमाने पर विस्फोट और आग की खबरें आ रही हैं। अमेरिका-इजरायल संयुक्त हमलों ने ईरानी राजधानी को हिला दिया है। स्कूल पर हुए एक हमले में दर्जनों बच्चे मारे गए, जिसकी जिम्मेदारी अमेरिकी मुनिशन पर लग रही है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसका मकसद ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइलों, नेवी और प्रॉक्सी नेटवर्क को खत्म करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध अब क्षेत्रीय स्तर पर फैल चुका है, जिसमें लेबनान, गल्फ देश और अन्य इलाके शामिल हैं।

ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। दुनिया की नजर इस युद्ध पर टिकी है—क्या ईरान झुक जाएगा, या यह और लंबा खिंचेगा?

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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