जयपुर में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लाखों मरीजों के लिए एक बड़ी सौगात आई है। टोंक रोड पर स्थित 80 फीट रोड, बीएल टावर में अनामय सेंटर फॉर ओबेसिटी, डायबिटीज एंड एंडोक्राइनोलॉजी का हाल ही में (मार्च 2026) भव्य उद्घाटन हुआ। यह सेंटर विशेष रूप से मधुमेह (डायबिटीज), थायरॉइड डिसऑर्डर, मोटापा (ओबेसिटी) और अन्य एंडोक्राइन (हार्मोन संबंधी) रोगों के निदान, उपचार, प्रबंधन और जागरूकता पर केंद्रित है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अनिल भंसाली और आईआईटी जम्मू के डायरेक्टर डॉ. मनोज सिंह गौड़ ने भाग लिया। दोनों ने समय पर जांच, जीवनशैली में बदलाव और पेशेंट-केंद्रित देखभाल पर जोर दिया। सेंटर की स्थापना डॉ. शैलेश लोढ़ा (प्रमुख एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, Eternal Hospital से जुड़े) और डॉ. वर्षा लोढ़ा ने की है, जो एंडोक्राइनोलॉजी क्षेत्र में वर्षों के अनुभव के साथ मरीजों को समग्र समाधान प्रदान कर रहे हैं।
सेंटर में उपलब्ध मुख्य सुविधाएं
- विशेषज्ञ परामर्श: एंडोक्राइनोलॉजिस्ट द्वारा व्यक्तिगत कंसल्टेशन – डायबिटीज टाइप 1 और टाइप 2, PCOS, थायरॉइड (हाइपो/हाइपरथायरॉइडिज्म), एड्रेनल डिसऑर्डर आदि।
- आधुनिक डायग्नोस्टिक टेस्ट: ब्लड शुगर मॉनिटरिंग, HbA1c, थायरॉइड प्रोफाइल (TSH, T3, T4), हार्मोनल असंतुलन जांच, इंसुलिन रेसिस्टेंस टेस्ट।
- डायबिटीज मैनेजमेंट: इंसुलिन थेरेपी, ओरल मेडिसिन, कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग (CGM), फुट केयर क्लिनिक (डायबिटिक फुट अल्सर रोकथाम)।
- थायरॉइड स्पेशल क्लिनिक: हाइपोथायरॉइडिज्म, हाइपरथायरॉइडिज्म, थायरॉइड नोड्यूल्स, ऑटोइम्यून थायरॉइडाइटिस (हाशिमोटो) का विशेष उपचार।
- ओबेसिटी और वेट मैनेजमेंट: न्यूट्रिशनिस्ट द्वारा डाइट प्लान, एक्सरसाइज काउंसलिंग, मेडिकल वेट लॉस थेरेपी (GLP-1 एजेंट्स आदि)।
- पेशेंट एजुकेशन और जागरूकता: नियमित वर्कशॉप, ग्रुप सेशन, डाइट चार्ट, योग-मेडिटेशन सेशन, परिवारिक काउंसलिंग।
- समग्र दृष्टिकोण: मरीजों को सिर्फ दवा नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल चेंज, स्ट्रेस मैनेजमेंट और लॉन्ग-टर्म फॉलो-अप पर फोकस।
क्यों जरूरी है यह सेंटर?
राजस्थान में डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं – अनुमान है कि 1 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। थायरॉइड डिसऑर्डर महिलाओं में बहुत आम हो गया है, जबकि मोटापा युवाओं में बढ़ रहा है। जयपुर जैसे शहरी इलाके में तनाव, अनियमित खान-पान और कम शारीरिक गतिविधि से ये रोग बढ़ रहे हैं। अनामय सेंटर इन रोगों पर फोकस्ड केयर देगा, ताकि मरीजों को बड़े अस्पतालों की भीड़ से बचकर विशेषज्ञ उपचार मिल सके। डॉ. शैलेश लोढ़ा ने कहा: “समय पर जांच और सही जीवनशैली से 80% मामलों में जटिलताएं (किडनी फेलियर, हार्ट अटैक, आंखों की समस्या) रोकी जा सकती हैं।”
सेंटर का उद्देश्य है कि मरीज न सिर्फ बीमारी नियंत्रित करें, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकें। उद्घाटन के बाद से मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और कई लोग पहले से ही अपॉइंटमेंट बुक कर रहे हैं।





