राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बार फिर अपनी कुशलता साबित की है। कोटा शहर में पिछले साल जुलाई 2025 में हुई 90 लाख रुपये मूल्य के सोने की दिनदहाड़े लूट के मामले में फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी सौरभ सोनी को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए ठिकाने बदल-बदल कर छिप रहा था, लेकिन कोटा पुलिस की विशेष टीम और जयपुर पुलिस की सतर्कता ने अंततः उसे दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में कुल 12 आरोपी अब पुलिस की हिरासत में हैं, जबकि जांच अभी भी जारी है।
लूट की पूरी वारदात वारदात 2 जुलाई 2025 को कोटा के कैथूनीपोल थाना क्षेत्र में सब्जी मंडी के पास सायमन प्लाजा के नजदीक हुई थी। एक ज्वैलरी कर्मचारी महेंद्र कुमार (कमल ज्वेलर्स के मालिक कुलदीप सोनी का कर्मचारी) स्वर्ण रजत मार्केट से करीब 900 ग्राम सोने के कड़े और अंगूठियां लेकर स्कूटी पर लौट रहा था। तभी मोहन टॉकीज रोड पर दो बाइक सवार बदमाशों ने चाकू की नोक पर उसे रोक लिया और सोना व स्कूटी लूटकर फरार हो गए। लूट की कुल कीमत लगभग 90 लाख रुपये बताई गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिर सूचना के आधार पर जांच शुरू की।
पुलिस की जांच और शुरुआती गिरफ्तारियां कोटा पुलिस ने मात्र 90 घंटे के भीतर मामले का बड़ा खुलासा किया था। शुरुआती जांच में 10 मुख्य आरोपी और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया गया, जिसमें हरिओम उर्फ नंदू शूटर (मास्टरमाइंड), हर्षित सोनी, आकाश वैष्णव उर्फ साजन, राजन उर्फ साजन, विष्णु सिंह उर्फ डॉगी, तरुण सिंह उर्फ संदीप, प्रदीप केवट, करण मुलानी, बनवारी लाल और शिवकुमार सोनी शामिल थे। इनकी गिरफ्तारी बूंदी, चित्तौड़गढ़, जयपुर और उज्जैन (मध्य प्रदेश) जैसे विभिन्न स्थानों से की गई। पुलिस ने पाया कि बदमाशों ने वारदात से पहले कर्मचारी की रेकी की थी और उनकी हरकतों की पूरी जानकारी रखते थे।
सौरभ सोनी कैसे छिपा रहा? सौरभ सोनी घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा दे रहा था। उसने अपने परिजनों से संपर्क भी पूरी तरह बंद कर दिया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने मुखबिर सूचना, तकनीकी जांच और लगातार दबिश के आधार पर पता लगाया कि वह जयपुर के गोनेर रोड क्षेत्र में किराए के मकान में छिपकर रह रहा है। कोटा पुलिस की टीम जयपुर पहुंची, स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर रैकी की और पहचान छिपाकर दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जो अब टीम को मिलेगा।
अभी तक क्या बरामद हुआ? पुलिस ने पहले गिरफ्तार आरोपियों से कुछ सोना और अन्य सबूत बरामद किए थे, लेकिन पूरा लूट का माल अभी तक नहीं मिला है। सौरभ सोनी से पूछताछ में बाकी सोने के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह आपराधिक पृष्ठभूमि वाला था और कई सदस्यों के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज थे।
पुलिस अधिकारी का बयान कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा, “यह हमारी टीम की लगातार मेहनत और तकनीकी जांच का नतीजा है। फरार अपराधियों को कहीं भी छिपने नहीं देंगे। जयपुर पुलिस के सहयोग से यह सफलता मिली है।” जयपुर पुलिस ने भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निष्कर्ष में यह गिरफ्तारी अपराधियों के लिए एक बड़ा झटका है और राजस्थान पुलिस की क्राइम ब्रांच की कार्यक्षमता को दर्शाती है। अब पुलिस की नजर बाकी लूटे गए सोने और संभावित अन्य सहयोगियों पर है। मामले में आगे की जांच जारी है, और जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है। शहरवासियों में इस सफलता से सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।






