अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की सबसे दर्दनाक और विवादास्पद घटनाओं में से एक अब सामने आई है। दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में 28 फरवरी 2026 को शजराह तैयबेह एलीमेंट्री गर्ल्स स्कूल पर अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल ने हमला किया, जिसमें कम से कम 175 लोग मारे गए – ज्यादातर 7 से 12 साल की स्कूली बच्चियां और स्कूल स्टाफ। ईरानी अधिकारियों ने इसे “युद्ध अपराध” बताया, जबकि अमेरिकी पेंटागन की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह टारगेटिंग मिस्टेक थी – पुराने और अपडेट न किए गए इंटेलिजेंस डेटा के इस्तेमाल से हुई घातक गलती।
हमले का विवरण और मौतों का आंकड़ा
- तारीख और जगह: 28 फरवरी 2026, मिनाब (होर्मोज़गन प्रांत), शजराह तैयबेह प्राइमरी स्कूल (IRGC नेवल बेस के पास स्थित)।
- मिसाइल: अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल (केवल अमेरिका के पास इसकी क्षमता)।
- मौतें: ईरानी मीडिया और रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार 175+ (ज्यादातर बच्चियां), कुछ रिपोर्ट्स में 168-175 बच्चे। स्कूल दो मंजिला था, जहां माता-पिता बच्चों को सुरक्षित घर ले जाने के लिए पहुंचे थे।
- हमले का तरीका: दो-तीन बार “डबल-ट्रिपल टैप” हमला – पहला हमला, फिर बचाव में आए लोगों पर दूसरा। स्कूल की इमारत पूरी तरह तबाह हो गई।
जांच में सामने आया सच: पुराना डेटा और टारगेटिंग एरर
न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट और अन्य स्रोतों की रिपोर्ट्स के अनुसार:
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) से मिले पुराने डेटा का इस्तेमाल किया।
- स्कूल की इमारत पहले IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) बेस का हिस्सा थी, लेकिन 2016 से अलग होकर स्कूल बन गई थी।
- डेटा अपडेट नहीं किया गया, इसलिए स्कूल को मिलिट्री साइट समझ लिया गया।
- पेंटागन की जांच में पुष्टि: अमेरिका जिम्मेदार, कोई जानबूझकर नागरिक हमला नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस फेलियर।
- ट्रंप प्रशासन ने शुरुआत में ईरान पर आरोप लगाया, लेकिन जांच ने अमेरिकी जिम्मेदारी साबित की।
AI का कनेक्शन: Claude और Maven सिस्टम की भूमिका पर सवाल
युद्ध के पहले 24 घंटों में अमेरिका ने 1,000+ टारगेट्स पर हमले किए, जिसमें AI की बड़ी भूमिका थी:
- Anthropic का Claude AI Palantir के Maven Smart System के साथ इस्तेमाल हुआ – टारगेट आइडेंटिफिकेशन, प्रायोरिटी और रीयल-टाइम डिसीजन सपोर्ट के लिए।
- Claude को टारगेट सुझाव देने के लिए यूज किया गया, लेकिन पेंटागन का कहना है कि स्कूल हमले में AI “डायरेक्ट” जिम्मेदार नहीं – पुराना डेटा मुख्य वजह।
- विशेषज्ञों का कहना: AI ने पुराने डेटा को फ्लैग नहीं किया या “स्कूल” जैसे कीवर्ड को इग्नोर किया, जो LLM की आम समस्या है।
- ट्रंप ने Anthropic को “सप्लाई चेन रिस्क” घोषित किया और बैन की कोशिश की, लेकिन युद्ध में Claude इस्तेमाल जारी रहा।
- जांच में AI की भूमिका पर स्पष्ट इनकार नहीं, लेकिन “मानवीय एरर” पर जोर।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं और विवाद
- ईरान: युद्ध अपराध, अंतरराष्ट्रीय अदालत में केस की तैयारी।
- अमेरिका: पेंटागन जांच जारी, लेकिन ट्रंप ने रिपोर्ट को “फेक” बताया।
- विपक्ष: डेमोक्रेट्स ने डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ से जवाब मांगा – “नागरिक मौतों पर जवाबदेही”।
- मानवाधिकार संगठन: AI युद्ध में “मॉरल सेडेटिव” की तरह काम कर रहा है, मानवीय फैसले कम हो रहे हैं।
- भारत/जयपुर: लोकल न्यूज में चर्चा – AI की गलतियां कितनी खतरनाक हो सकती हैं?
यह घटना AI के मिलिट्री यूज पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या टेक्नोलॉजी युद्ध को तेज बनाती है या मासूमों की मौत का कारण? जांच पूरी होने पर और खुलासे हो सकते हैं। दुनिया स्तब्ध है – 175 मासूम जिंदगियां AI की चूक या पुरानी गलती में चली गईं।






