बांदीकुई । मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी भारत सरकार के उपक्रम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी)केंद्रों पर शुरू हुई मुफ्त ‘युवा एआई’ ट्रेनिंग के माध्यम से इंडिया एआई मिशन के तहत ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की साक्षरता बढ़ाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। भारत को तकनीक की वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
सीएससी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं राजस्थान राज्य प्रभारी आशीष पंवार ने बताया कि,केंद्र सरकार के ‘इंडिया एआई’ मिशन के तहत, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना के तहत सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से देश के 10 लाख नागरिकों को मुफ्त एआई ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें ग्रामीण उद्यमियों को प्राथमिकता दी गई है।
क्या है ‘युवा एआई फॉर ऑल’ ?
यह एक 4.5 घंटे का ऑनलाइन कोर्स है, जिसे विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्हें तकनीक की ज्यादा जानकारी नहीं है। इस कोर्स के माध्यम से नागरिक सीखेंगे कि कैसे एआई उनके दैनिक जीवन, खेती और व्यापार को आसान बना सकता है।
प्रशिक्षण के मुख्य आकर्षण:
मुफ्त सर्टिफिकेट: कोर्स पूरा करने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मैरिट वाई) द्वारा प्रमाणित डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
महिलाएं घर बैठे डिजिटल कौशल सीखना और स्वरोजगार के अवसर।
बुजुर्ग सरकारी सेवाओं और पेंशन की जानकारी आसानी से मिलना।
स्मार्ट खेती और शिक्षा: किसानों को मौसम और फसल की बीमारियों की जानकारी मिलेगी, वहीं छात्रों को पढ़ाई के नए तरीके सीखने को मिलेंगे।
साइबर सुरक्षा: एआई के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के गुर भी सिखाए जाएंगे।
छात्र फ्री सर्टिफिकेट और भविष्य की नौकरियों के लिए तैयारी।
बदलेगी गाँव की तस्वीर, जिस तरह यूपीआई ने भारत में डिजिटल भुगतान को घर-घर पहुँचाया, उसी तरह एआई अब गाँव के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाएगा। इस पहल से न केवल डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।अभी तक एआई को केवल बड़े शहरों और आईटी कंपनियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब ‘युवा एआई फॉर ऑल’ कार्यक्रम के जरिए गाँव का किसान, छोटा व्यापारी और छात्र भी इसे सीख सकेंगे। जिला प्रबंधक कमलेश कुमार शर्मा ने बताया कि, “यह कोर्स ग्रामीणों को यह समझने में मदद करेगा कि कैसे एआई उनके दैनिक कार्यों को आसान बना सकता है। चाहे वह खेती के लिए मौसम का पूर्वानुमान हो या बच्चों के लिए स्मार्ट लर्निंग टूल्स, एआई हर क्षेत्र में मददगार साबित होगा क्यो कि यह कोर्स हिंदी सहित 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि भाषा की कोई बाधा न रहे।
ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप






