स्पेन में दो हाईस्पीड ट्रेनों की भीषण टक्कर के बाद पूरे देश में शोक और गुस्से का माहौल है। इस हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच राजधानी मैड्रिड में परिवहन मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने हादसे की जिम्मेदारी तय करने और परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और कुछ लोगों ने पुलिस पर बोतलें तथा पटाखे फेंके। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
कैसे हुआ दो हाईस्पीड ट्रेनों का हादसा?
यह दुर्घटना बुधवार, 28 अक्टूबर को मैड्रिड के दक्षिण में टोलेडो प्रांत के उर्दा इलाके के पास हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, निजी रेल कंपनी इर्यो (Iryo) की एक ट्रेन ट्रैक पर रुकी हुई थी। इसी दौरान सरकारी रेल कंपनी रेन्फे (Renfe) की हाईस्पीड ट्रेन पीछे से उससे टकरा गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि कई डिब्बे पटरी से उतर गए और कुछ डिब्बे ढलान की ओर जा गिरे। दुर्घटनास्थल पर राहत और बचाव दलों ने तुरंत अभियान शुरू किया। क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे यात्रियों की तलाश की गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में कम से कम 68 लोगों की जान गई। दर्जनों यात्री घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई गई। बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी रखी। हादसे में बड़ी संख्या में यात्रियों के प्रभावित होने के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण रहा।

सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी की आशंका
हादसे की शुरुआती जांच में रेलवे के सिग्नलिंग और सुरक्षा सिस्टम में आई तकनीकी खराबी अहम बिंदु बनकर सामने आई है। स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के अनुसार, रेलवे के एक हिस्से में कंप्यूटर संचार प्रणाली में गड़बड़ी हुई थी, जिसके कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई और ट्रेनों को रोकना पड़ा। इसके बाद नियंत्रण केंद्र से रेन्फे ट्रेन को दोबारा चलने की अनुमति दिए जाने की बात सामने आई है।
मंत्री के मुताबिक, जिस ट्रैक पर ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई, वहां रुकने का संकेत सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि सुरक्षा सिस्टम में खराबी के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति कैसे मिली और उसे सुरक्षित गति से चलाने या रोकने के निर्देश क्यों नहीं दिए गए। हालांकि, हादसे की अंतिम वजह अभी जांच के अधीन है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि नियंत्रण केंद्र के फैसलों और तकनीकी व्यवस्था की भूमिका की विस्तार से जांच की जाएगी।

परिवहन मंत्री के इस्तीफे की मांग
हादसे के बाद मैड्रिड में परिवहन मंत्रालय के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और रेलवे प्रशासन से जवाब मांगा तथा परिवहन मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बोतलें और पटाखे फेंके, जिसके बाद पुलिस के साथ तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
इस प्रदर्शन ने हादसे के बाद बढ़ते जनाक्रोश को सामने ला दिया है। लोगों की मांग है कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में अगर कोई लापरवाही हुई है, तो उस पर कार्रवाई हो। हालांकि, जिम्मेदारी तय करने का फैसला जांच पूरी होने के बाद ही किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने जांच का दिया भरोसा
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि पूरा देश शोक में है। उन्होंने दुर्घटना की व्यापक जांच कराने और सामने आने वाली कमियों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। हादसे के बाद देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की गई है।
यह दुर्घटना स्पेन में इसी साल हुई दूसरी बड़ी रेल दुर्घटना है। इससे पहले जनवरी में हुए एक अन्य ट्रेन हादसे में 46 लोगों की मौत हुई थी। लगातार हुए हादसों ने देश के हाईस्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी किस वजह से आई, नियंत्रण केंद्र ने ट्रेनों को क्या निर्देश दिए और रुकने का संकेत सक्रिय होने के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति कैसे मिली। अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी रिकॉर्ड और नियंत्रण केंद्र से जुड़े संचार की जांच दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए शोक और घायलों के इलाज पर ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, प्रदर्शन के जरिए लोग यह मांग कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष हो और रेलवे सुरक्षा में सामने आने वाली किसी भी चूक को नजरअंदाज न किया जाए। हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।








