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March 20, 2026 12:39 pm

इंदौर में 8 की मौत के बाद अलर्ट: एक्सपर्ट बोले- हर स्मार्ट लॉक खतरनाक नहीं, लेकिन ये फीचर्स चेक करें ताकि ताला न बने काल

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मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 18 मार्च की सुबह ब्रजेश्वरी एनेक्स (तिलक नगर क्षेत्र) में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग पॉइंट पर शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग ने घर में रखे 10 से ज्यादा LPG सिलेंडरों को फटने पर मजबूर कर दिया, जिससे आग की लपटें तेजी से फैलीं। इस हादसे में एक ही परिवार के 8 सदस्यों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जिसमें 2 बच्चे (12 और 8 साल के), 3 महिलाएं (एक गर्भवती बहू सिमरन सहित), और अन्य शामिल थे। परिवार मूल रूप से राजस्थान/बिहार से जुड़ा था और इंदौर में इलाज के लिए आया हुआ था।

हादसे की जांच में सबसे बड़ा खुलासा हुआ कि घर में लगे डिजिटल/स्मार्ट लॉक (इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम) बिजली कटने के बाद लॉक हो गए और न खुल सके। इससे अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए, जबकि फायर ब्रिगेड और पुलिस को दरवाजे तोड़ने में काफी समय लगा। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया, “बिजली ट्रिप होने से इलेक्ट्रॉनिक लॉक फेल हो गए, जिससे रेस्क्यू में देरी हुई।” यह घटना पिछले साल अक्टूबर 2025 में इंदौर के एक कांग्रेस नेता के पेंटहाउस में हुई आग जैसी ही है, जहां भी डिजिटल लॉक ने मौत का कारण बनाया था।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी और सलाह: स्मार्ट लॉक सुरक्षित कैसे बनाएं?

हादसे के बाद सिक्योरिटी और फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स ने अलर्ट जारी किया है। वे कहते हैं कि हर स्मार्ट लॉक खतरनाक नहीं होता, लेकिन सही फीचर्स न होने पर यह इमरजेंसी में जानलेवा साबित हो सकता है। प्रमुख एक्सपर्ट्स (जैसे फायर सेफ्टी कंसल्टेंट्स और स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी स्पेशलिस्ट्स) की सलाह:

  1. बैकअप बैटरी या पावर सप्लाई जरूरी: लॉक में रिचार्जेबल बैटरी या AA/AAA बैकअप बैटरी होनी चाहिए, जो बिजली कटने पर भी 24-48 घंटे तक काम करे। कई सस्ते मॉडल में यह फीचर नहीं होता।
  2. मैनुअल ओवरराइड/इमरजेंसी की: बाहर से की (कुंजी) या इमरजेंसी लीवर/नॉब होना चाहिए, जिससे पावर फेल होने पर भी दरवाजा मैनुअली खोला जा सके। फायर-सेफ लॉक में यह स्टैंडर्ड होना चाहिए।
  3. फायर-रेटेड और UL/ISI सर्टिफाइड: लॉक फायर-सेफ्टी स्टैंडर्ड (जैसे UL 10C या भारतीय BIS सर्टिफिकेशन) वाला हो। आग में 30-60 मिनट तक काम करने वाला मॉडल चुनें।
  4. इंटीग्रेटेड स्मोक/फायर अलार्म लिंक: कुछ एडवांस्ड स्मार्ट लॉक (जैसे Yale, Godrej, Schlage, August) स्मोक डिटेक्टर से जुड़ सकते हैं। आग लगने पर ऑटो-अनलॉक या अलर्ट मोड में चले जाएं।
  5. डुअल एक्सेस या फैमिली मोड: ऐप से रिमोट अनलॉक के साथ फिजिकल की बैकअप रखें। बच्चों/बुजुर्गों के लिए आसान इमरजेंसी बटन वाला लॉक बेहतर।

एक्सपर्ट्स का कहना है, “स्मार्ट लॉक सुरक्षा के लिए हैं, मौत के लिए नहीं। खरीदते समय हमेशा ‘Fail-Safe’ या ‘Emergency Override’ फीचर चेक करें। सस्ते चाइनीज मॉडल से बचें, ब्रांडेड (Godrej, Yale, Honeywell, Samsung) चुनें जो फायर इमरजेंसी में फेल-सेफ मोड में काम करें।”

सरकार और प्रशासन की कार्रवाई

मध्य प्रदेश सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। MP उर्दू डेवलपमेंट मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि EV चार्जिंग पॉइंट्स के लिए नए प्रोटोकॉल बनाए जाएंगे, खासकर रेजिडेंशियल एरिया में। फायर डिपार्टमेंट ने शहर भर में स्मार्ट होम्स और EV चार्जिंग सेफ्टी चेकअप अभियान शुरू करने की बात कही है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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