जल जीवन मिशन में 900 करोड़ का घोटाला: एसीबी ने 15 ठिकानों पर छापेमारी, 9 अधिकारियों को गिरफ्तार किया – मुख्य अभियंता समेत सेवानिवृत्त अफसर शामिल
जयपुर, 18 फरवरी 2026: राजस्थान में जल जीवन मिशन (जे जे एम) के तहत हुए करीब 900 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्टों में 960 करोड़) के कथित घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। एसीबी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने राजस्थान के अलावा दिल्ली, झारखंड, बिहार और अन्य स्थानों पर कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की और 9 अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारियों में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के वर्तमान और सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
एसीबी ने इस मामले में 2024 में केस दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि मेसर्स श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल और मेसर्स श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचंद जैन ने पीएचईडी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र तैयार किए और 960 करोड़ रुपये के ठेके हासिल किए। बिना काम किए ही कंपनियों को 55 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान भी किया गया।
गिरफ्तार किए गए 9 आरोपी:
- दिनेश गोयल (मुख्य अभियंता, प्रशासन) – उदयपुर के ताज अरावली होटल से गिरफ्तार
- के. डी. गुप्ता (मुख्य अभियंता, ग्रामीण)
- सुभांशु दीक्षित (तत्कालीन सचिव आरडब्ल्यूएसएसएमसी, वर्तमान अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय)
- सुशील शर्मा (वित्तीय सलाहकार, अक्षय ऊर्जा/नवीकरणीय ऊर्जा)
- निरिल कुमार (मुख्य अभियंता, चूरू)
- विशाल सक्सेना (अधिशासी अभियंता, जोधपुर – वर्तमान में निलंबित)
- अरुण श्रीवास्तव (अतिरिक्त मुख्य अभियंता, सेवानिवृत्त)
- डी. के. गौड़ (तत्कालीन मुख्य अभियंता एवं तकनीकी सदस्य, सेवानिवृत्त)
- महेंद्र प्रकाश सोनी (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, सेवानिवृत्त)
एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में जयपुर, बाड़मेर, सीकर, जालोर, उदयपुर, करौली आदि राजस्थानी शहरों के अलावा दिल्ली, बिहार और झारखंड में दबिश दी गई। कुछ रिपोर्टों में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के ठिकानों पर भी छापेमारी का जिक्र है, हालांकि वे अभी फरार बताए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए आवंटित फंडों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को उजागर करती है। एसीबी ने पहले भी इस मामले में ट्रैप कार्रवाई की थी और आरोप पत्र दाखिल किया था। अब जांच में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।






