मुंबई, 1 जनवरी 2026: नए साल के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में तंबाकू कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। सरकार के सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले के बाद ITC के शेयर करीब 10% तक गिरकर 52-सप्ताह के निचले स्तर Rs 362.70 पर पहुंच गए। वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयर 19% तक धराशायी होकर Rs 2,230 के आसपास ट्रेड कर रहे थे।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार देर रात नोटिफिकेशन जारी कर 1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू करने की घोषणा की। सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 सिगरेट पर ड्यूटी Rs 2,050 से Rs 8,500 तक होगी। यह ड्यूटी मौजूदा 40% GST के ऊपर लगेगी, जिससे सिगरेट की कीमतें बढ़ने की आशंका है।
शेयरों में गिरावट का विवरण
- ITC: करीब 9-10% गिरावट, इंट्राडे लो Rs 362.70 (52-सप्ताह का निचला स्तर)। कंपनी की मार्केट वैल्यू से करीब Rs 50,000 करोड़ स्वाहा।
- गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया: 15-19% तक की भारी गिरावट, नवंबर 2016 के बाद सबसे बड़ा सिंगल-डे फॉल।
- अन्य तंबाकू स्टॉक्स जैसे VST इंडस्ट्रीज भी 4-7% नीचे।
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के अनुसार, ITC को कीमतें कम से कम 15% बढ़ानी पड़ सकती हैं, वरना मार्जिन पर असर पड़ेगा। लंबी सिगरेट (75 mm से ज्यादा) पर सबसे ज्यादा असर, जो ITC की वॉल्यूम का 16% है
क्यों बढ़ाई गई ड्यूटी?
- GST कंपेंसेशन सेस की जगह नई एक्साइज ड्यूटी।
- स्वास्थ्य कारणों से तंबाकू खपत कम करने का उद्देश्य।
- WHO के 75% टैक्स बेंचमार्क की ओर कदम, फिलहाल भारत में करीब 53%।
- पान मसाला पर नया हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस भी लागू।
विश्लेषकों का कहना है कि इससे वैध सिगरेट की बिक्री प्रभावित हो सकती है और अवैध बाजार को बढ़ावा मिल सकता है। ITC की सिगरेट बिजनेस से 40% से ज्यादा रेवेन्यू आता है, इसलिए सबसे बड़ा झटका इसी को
नए साल की शुरुआत में निवेशकों को यह झटका लगा है। आगे कीमतें बढ़ने से उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ेगा, लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से इसे सकारात्मक कदम माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लंबे निवेशक डिप पर खरीदारी कर सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में दबाव बना रहेगा।






