'भाड़े की सेना' यूक्रेन में पुतिन के लिए नहीं लड़ेगी, वैगनर ग्रुप ने ठुकराया रूसी कॉन्ट्रैक्ट

 
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वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने रूसी सेना के साथ नया कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से इनकार कर दिया है। दरअसल रूस चाहता था कि नए कॉन्ट्रैक्ट के तहत वैगनर ग्रुप उसके रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करे।

मॉस्को। यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बड़ा झटका लगा है। रूसी सैन्य नेतृत्व के खिलाफ असफल विद्रोह छेड़ने वाले वैगनर ग्रुप ने यूक्रेन में लड़ने से इनकार कर दिया है। भाड़े की सेना के ग्रुप वैगनर का प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन अब रूस के लिए लड़ने का इच्छुक नहीं है। एक वरिष्ठ रूसी सासंद ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। 

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ठुकराया नया कॉन्ट्रैक्ट
रूसी सांसद ने कहा है कि वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने रूसी सेना के साथ नया कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से इनकार कर दिया है। दरअसल रूस चाहता था कि नए कॉन्ट्रैक्ट के तहत वैगनर ग्रुप उसके रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करे। अब प्रिगोझिन ने अपने भाड़े के सैनिकों को रक्षा मंत्रालय के अधीन लाने के लिए नए कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है।

रूसी संसद की रक्षा समिति के निचले सदन की अध्यक्षता करने वाले एक प्रभावशाली सांसद, कर्नल-जनरल आंद्रेई कार्तापोलोव ने कहा कि शनिवार के विद्रोह का कारण रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि वैगनर ग्रुप उसके अधीन काम करे लेकिन प्रिगोझिन ने कॉन्ट्रैक्ट ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, विद्रोह के प्रयास से कुछ दिन पहले ही रक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि युद्ध में जुटे सभी संगठनों को रक्षा मंत्रालय के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करना होगा।" 

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रूसी रक्षा मंत्री पर भड़का है प्रिगोझिन
उन्होंने कहा, "हर किसी ने इस मंत्रालय के इस फैसले को लागू करना शुरू कर दिया है। प्रिगोझिन को छोड़कर सभी इसको मान रहे हैं।" प्रिगोझिन ने 11 जून को कहा था कि उनके वैगनर लड़ाके रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ किसी भी तरह का कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि रूसी रक्षा मंत्री शोइगु सैन्य इकाइयों को मैनेज करने में असमर्थ है। रूसी सांसद ने कहा कि प्रिगोझिन के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के बाद उनके भाड़े के सैनिक अब यूक्रेन में नहीं लड़ेंगे और इस तरह उन्हें रूसी सरकार का पैसा नहीं मिलेगा।

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खुली बगावत कर चुका है प्रिगोझिन 
शुक्रवार 23 जून 2023 को, प्रिगोझिन ने अपने 25,000 सैनिकों को ‘‘न्याय के लिए मार्च’’ पर निकलने का आदेश दिया, जो विधिवत रूप से मास्को में रूसी राष्ट्रपति का सामना करने के लिए निकले। अगली दोपहर उन्होंने इसे बंद कर दिया। उस समय उनके सैनिक मॉस्को और रोस्तोव-ऑन-डॉन में रूसी सेना के दक्षिणी मुख्यालय के बीच एम4 मोटरवे के आधे से अधिक रास्ते पर आगे बढ़ चुके थे। उनकी निजी सेना रूसी राजधानी के 200 किमी (125 मील) के भीतर थी।

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संकट स्पष्ट रूप से बेलारूसी राष्ट्रपति, अलेक्जेंडर लुकाशेंको की मध्यस्थता में किए गए सौदे और क्रेमलिन द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने के कारण टल गया था। लेकिन उथल-पुथल की इस संक्षिप्त घटना का रूस और यूक्रेन में युद्ध पर स्थायी प्रभाव पड़ेगा। प्रिगोझिन और रूसी सेना के शीर्ष अधिकारियों के बीच पिछले कुछ समय से टकराव चल रहा है। लेकिन जैसे-जैसे बखमुत पर लड़ाई तेज होती गई, यह बढ़ता गया, जिसके दौरान प्रिगोझिन ने शिकायत की कि उसके 20,000 से अधिक लोग मारे गए।

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