पुतिन के लड़ाकों का बखमुत पर कब्जा यूक्रेन-रूस युद्ध में साबित हो सकता है टर्निंग प्वाइंट, समझें- ऐसा क्यों? 

 
Russia-Ukraine War

बखमुत, जिसे मास्को अपने सोवियत-युग के नाम आर्ट्योमोवस्क से पुकारता रहा है, पर कब्जा अपेक्षित रूप से जवाबी हमले के लिए दोनों के लिए एक-दूसरे की सेना को नष्ट करने और विचलित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

नई दिल्ली। Ukraine-Russia War: रूसी सैनिकों के वैगनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन ने शनिवार को कहा कि उनके लड़ाकों ने महीनों की गहन लड़ाई के बाद यूक्रेनी शहर बखमुत पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, यूक्रेन ने इस दावे का खंडन किया है। टेलीग्राम पर पोस्ट एक वीडियो में प्रिगोझिन ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने यूक्रेन के साथ साल भर से ज्यादा समय से चल रही सबसे लंबी खूनी लड़ाई का केंद्र बने पूर्वी यूक्रेन के बखमुत शहर पर कब्जा कर लिया है और बड़े पैमाने पर शहर को बर्बाद कर दिया है। उसके वीडियो में खंडहर हो चुकी इमारतें और दूर हो रही विस्फोट की आवाजें सुनाई दे रही थीं।

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बखमुत शहर यूक्रेन के दोनेत्स्क इलाके का प्रमुख शहर है जो बड़े पैमाने पर रूसी-भाषी औद्योगिक डोनबास क्षेत्र का हिस्सा है और एक क्षेत्रीय परिवहन और रसद केंद्र के रूप में मशहूर है। मॉस्को बखमुत को अपने स्व-घोषित "विशेष सैन्य अभियान" में बखमुत को जोड़ना चाहता है। हालांकि, अमेरिकी पेंटागन प्रमुख लॉयड ऑस्टिन और नाटो गठबंधन के प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने बखमुत के संभावित कब्जे को प्रतीकात्मक रूप में कमतर करके आंका है, जैसा कि पश्चिमी सैन्य विशेषज्ञों ने भी किया है।

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अगर बखमुत पर रूसी लड़ाकों के कब्जे की पुष्टि हो जाती है, तो डोनेट्स्क क्षेत्र के दो बड़े शहरों- क्रामटोरस्क और स्लोवियनस्क तक रूसी तोपखाने की पहुंच बड़ी आसानी से हो सकती है। रूस लंबे समय से इसका इंतजार करता रहा है। "पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ डोनेट्स्क" को आजाद कराने के लिए इन दोनों शहरों पर मास्को को अपना नियंत्रण स्थापित करने की जरूरत है।

बखमुत के सामरिक महत्व का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मार्च में सीएनएन को बताया था कि उन्हें डर है  कि अगर रूसी सेना ने बखमुत को कब्जे में ले लिया तो दोनों शहरों तक उनकी पहुंच आसान हो जाएगी। जेलेंस्की ने इसी भय की वजह से हर हाल में बखमुत पर अपने सैनिकों को कब्जा बरकरार रखने का आदेश दिया था जो एक सामरिक निर्णय था।

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अब माना जा रहा है कि बखमुत के पश्चिम में नजदीकी शहर,चासिव यार शायद रूसी हमले के तहत आने वाला अगला निशाना हो सकता है। हालांकि यह उच्च भूमि पर है और माना जाता है कि यूक्रेनी सेना ने आस-पास रक्षात्मक किलेबंदी का निर्माण कर रखा है।

पश्चिमी विश्लेषकों और राजनयिकों को संदेह है कि रूसी सेना बखमुत के कब्जे को तेजी से अपने पक्ष में भुना सकती है, क्योंकि उन्होंने एक साल पहले शहर में गोलाबारी शुरू की थी, अगस्त में जमीनी हमला किया था और तब से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। पिछले साल यूक्रेन के उत्तर-पूर्व से रूस की अराजक वापसी ने भी इसे उस क्षेत्र से वंचित कर दिया था, जो बख्मुत पर नियंत्रण होने के बाद स्लोवियांस्क जैसे शहरों को अपने बलों के लिए आसान बना देता है।

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यूक्रेन और रूस दोनों ने कहा है कि बखमुत, जिसे मास्को अपने सोवियत-युग के नाम आर्ट्योमोवस्क से पुकारता रहा है, पर कब्जा अपेक्षित रूप से जवाबी हमले के लिए दोनों के लिए एक-दूसरे की सेना को नष्ट करने और विचलित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

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