48 घंटे के भीतर सऊदी अरब पर हमला करेगा ईरान! अमेरिका ने किया अलर्ट

 
iran supreme leader

ईरान जल्द ही सऊदी अरब पर हमला कर सकता है. अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ खुफिया जानकारी साझा करते हुए अलर्ट किया है. बताया गया है कि ईरान में चल रहे हिजाब प्रदर्शन को वैश्विक स्तर पर दबाने के लिए सरकार ऐसा कदम उठाने की तैयारी कर रही है.

नई दिल्ली। सऊदी अरब या किसी अन्य खाड़ी देश पर ईरान जल्द ही हमला कर सकता है। अमेरिका और सऊदी अरब ने ऐसी खुफिया जानकारी साझा की है। इस जानकारी के मिलते ही सऊदी अरब और अमेरिका समेत अन्य कई क्षेत्रीय देशों की सेना हाई अलर्ट पर है। खुफिया जानकारी में कहा गया है कि हिजाब प्रदर्शन की ओर से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए ईरान हमले की तैयारी कर रहा है।

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वहीं न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट की मानें तो ईरान सऊदी अरब पर यह हमला अगले 48 घंटों में ही कर सकता है। इंटेलिजेंस इनपुट की पुष्टि करने वाले एक अधिकारी ने एपी से बताया कि ईरान जल्द से जल्द 48 घंटों के अंदर ही अटैक कर सकता है। 

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हालांकि, यूएस की रक्षा खुफिया एजेंसी पेंटागन के एक प्रवक्ता ने सऊदी अरब समेत अन्य देशों में अलर्ट की बात को खारिज कर दिया। लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार सऊदी अरब के संपर्क में है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने भी यह बात कही। नेड प्राइस ने कहा कि इस मामले में अमेरिका चिंतित है। नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका सैन्य, कूटनीतिक और इंटेलिजेंस के जरिए सऊदी अरब के साथ संपर्क में है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ ऐसा हुआ तो क्षेत्र में अपने और सहयोगियों के हितों की रक्षा करने के लिए एक्शन लेने में पीछे नहीं हटेंगे।

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ईरान में नहीं थम रहा महिलाओं का हिजाब प्रदर्शन 
मौजूदा समय में ईरान में महसा अमीनी की मौत के बाद से काफी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। महसा अमीनी को हिजाब ठीक से न पहनने की वजह से ईरान की नैतिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद कस्टडी में उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद से ही ईरान में हजारों लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में अभी तक सैंकड़ों लोगों की मौत भी हो चुकी है।  

ईरान सरकार ने इस प्रदर्शन के पीछे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का हाथ बताया है। ईरान की ओर से कहा गया है कि अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर हिजाब प्रदर्शन को भड़काया है। 

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दरअसल, पिछले कुछ सालों में ईरान की ओर से कई ऐसे सैन्य कदम उठाए गए हैं, जिसके बाद से ही सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देश और ईरान के बीच तनाव चल रहा है। सितंबर में इराक के कुर्दिश क्षेत्र में ईरान की ओर से 70 मिसाइल दागी गई थीं। इराक के इस क्षेत्र में काफी संख्या में अमेरिकी सैनिक भी तैनात हैं। 

सऊदी अरब और अमेरिका में भी सबकुछ ठीक नहीं !
ईरान की ओर से हमले की प्लानिंग की जानकारी ऐसी समय पर आई है, जब अमेरिका और सऊदी अरब के रिश्तों में खटास बनी हुई है। दरअसल, अमेरिका में मिड टर्म चुनाव आने वाले हैं। चुनाव से पहले ही सऊदी अरब के दबदबे वाले ओपेक प्लस संगठन ने तेल उत्पादन की कटौती का फैसला ले लिया। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन किसी भी सूरत में ऐसा नहीं चाहते थे।

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक प्लस के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अमेरिका की ओर से कहा गया था कि अब सऊदी अरब के साथ अपने रिश्तों पर पुर्नविचार करने का समय आ गया है। 

हालांकि, सऊदी अरब ने अमेरिका की तीखी टिप्पणी के बाद सफाई देते हुए कहा था कि यह फैसला पूरी तरह आर्थिक संबंधित था। सऊदी की ओर से कहा गया था कि इस फैसले के पीछे किसी भी तरह का राजनीतिक वजह नहीं थी।

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