Hijab controversy in Iran: ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन 15 शहरों में फैला, महिलाओं के साथ पुरुष भी सड़कों पर उतरे, जानिए पूरा मामला...

आंदोलन कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं। गुरुवार को फायरिंग में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। 
 
Hijab controversy in Iran

तेहरान। ईरान में 16 सितंबर से शुरू हुआ हिजाब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। महिलाओं के साथ पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल है। अब ये 15 शहरों में फैल गया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हो रही हैं। आंदोलन कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं। गुरुवार को फायरिंग में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। 5 दिन में मरने वालों की तादाद 31 हो गई है। सैकड़ों लोग घायल हैं। 1000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

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सरकार की मॉरल पुलिसिंग के खिलाफ युवाओं ने गरशाद नाम का मोबाइल ऐप बना लिया है। इस ऐप को 5 दिन में 10 लाख लोगों ने डाउनलोड किया है। युवा इसके जरिए सीक्रेट मैसेज चला रहे हैं। इसे देखते हुए तेहरान में मोबाइल इंटरनेट बंद और इंस्टाग्राम को ब्लॉक कर दिया गया है। तो वही प्रदर्शकारियों का कहना है कि सरकार हमारे विरोध को बगावत समझ रही है, लेकिन मौलवियों को ये बात समझ में नहीं आएगी। वे आंखें मूंदे बैठे हैं। सरकार इन मौलवियों के भरोसे ज्यादा दिन तक हुकूमत नहीं कर पाएगी। ये मौलवी महिलाओं को अधिकार देने के खिलाफ हैं। 

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दरअसल, यह मामला 13 सितंबर को शुरू हुआ। तब ईरान की मॉरल पुलिस ने 22 साल की युवती महसा अमिनी को हिजाब न पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया। 3 दिन बाद यानी 16 सितंबर को उसकी लाश परिवार को सौंपी गई। सोशल मीडिया के जरिए मामला लोगों तक पहुंचा और अब तक यह विवाद 31 लोगों की जान ले चुका है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिनी गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही कोमा में चली गई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट्स में कहा गया कि अमिनी की मौत सिर पर चोट लगने से हुई।

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