Economic Power: ब्रिटेन के बाद जापान को पछाड़ सकता है India, जानें एक दशक पहले क्या थी स्थिति

 
Indias GDP

1980 में वैश्विक जीडीपी में 1 फीसदी भारत की हिस्सेदारी थी। 1993 में वैश्विक जीडीपी में 1.4 फीसदी भारत की हिस्सेदारी हो गई। 2027 तक 4 फीसदी वैश्विक जीडीपी में हिस्सेदारी होने का अनुमान।

In 1980, India accounted for 1 per cent of the global GDP. In 1993, India's share in the global GDP was 1.4 percent. Estimated to account for 4 percent of global GDP by 2027.

नई दिल्ली। भारत (India) दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (Economy) बन गया है। यह बात हर भारतीय को गौरवान्वित कर रही है। जिस मुल्क से 1947 में हमने आजादी पाई थी, विकास के मायनों में आज उसे ही हमने पीछे छोड़ दिया। हमने कई आर्थिक मुकाम हासिल किए, हालांकि सफर और संघर्ष अभी बाकी है।

कुछ क्षेत्रों में हमें खुद को और मजबूत करना होगा। माना जा रहा है कि भारत चुनौतियों को पार करते हुए विकास की गति को कायम रखता है तो वह जल्द जापान (Japan) को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

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कब कितनी रही आर्थिक वृद्धि दर

अवधि वृद्धि दर (%में )

1980-90     5.5
1990-2000   5.5
2000-2010    7.5
2010-2019   6.5
2019-2027   5.4 (अनुमानित)

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Economic Power

एक दशक पहले क्या थी स्थिति

भारत एक दशक पहले दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था। उस समय ब्रिटेन पांचवें स्थान पर था। भारत अब केवल अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी से पीछे है। जापान और जर्मनी की जीडीपी में बहुत ज्यादा का अंतर नहीं है। इसके अलावा यूरोपीय देश रूस-यूक्रेन संकट की वजह से आर्थिक सुस्ती के कगार पर हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत उसे जल्द पीछे छोड़ देगा।

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आर्थिक तेजी और प्रति व्यक्ति कमाई
भारत अगले साल दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन सकता है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय में तेजी या उस स्तर को बनाए रखने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार आबादी की रफ्तार से बढ़नी चाहिए। विकसित देशों के मुकाबले प्रति व्यक्ति आय में पीछे है, लेकिन जीवन स्तर के मामले में बहुत अंतर नहीं रह गया है। इस पैमाने पर अब भारत केवल जापान से पीछे है। हालांकि, तीसरे स्थान पर पहुंच जाने के बाद भी अमेरिका-चीन के मुकाबले भारत की जीडीपी में बहुत बड़ा अंतर बना रहेगा।

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