बायोसेंसर डेटा से पता चलेगा कि दिमाग में सुसाइड का विचार कब बनता है, हर 40 सेकंड में एक सुसाइड

मनोवैज्ञानिकों के पास आए कुछ लोगों पर उन्होंने ये प्रयोग शुरू भी कर दिया है।
 
बायोसेंसर डेटा से पता चलेगा कि दिमाग में सुसाइड का विचार कब बनता है, हर 40 सेकंड में एक सुसाइड

नई दिल्ली। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग ने लोगों में पनप रही सुसाइड की प्रवृति को जानने का एक नया तरीका खोजा है। मनोवैज्ञानिकों के पास आए कुछ लोगों पर उन्होंने ये प्रयोग शुरू भी कर दिया है। रिसर्चर्स बायोसेंसर डेटा के जरिए ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किसी व्यक्ति के दिमाग में सुसाइड करने का विचार कब और किस स्थिति में बनता है। इसके लिए उन्होंने चुनिंदा लोगों के स्मार्ट फोन में कुछ एप्स डाले हैं और उनके हाथ पर डिजिटल बैंड बांधा है। इससे मनोवैज्ञानिक उन लोगों की दिनभर की गतिविधियां देखेंगे।

विज्ञापन: "जयपुर में निवेश का अच्छा मौका" JDA अप्रूव्ड प्लॉट्स, मात्र 4 लाख में वाटिका, टोंक रोड, कॉल 8279269659

केटलिन क्रूज नामक युवती को भी इस प्रयोग में शामिल किया गया है। केटलिन कुछ दिन पहले ही मनोवैज्ञानिक से इलाज कराकर घर गई हैं। अब मनोवैज्ञानिक जीपीएस के माध्यम से ट्रैक कर रहे हैं कि केटलिन घर से बाहर निकलती हैं या नहीं। यदि निकलती हैं तो कितनी देर बाहर रहती हैं। उनकी पल्स रेट कितनी रहती है। किस समय ये बढ़ती या घटती है। डिजिटल बैंड के जरिए केटलिन की नींद पर भी नजर रखी जा रही है। सोते समय कितनी बार उनकी नींद टूटती है। रिसर्चर्स समय-समय पर रोगियों को सवालों की एक सूची भेजते हैं। इसके जरिए ये समझा जाता है कि उन मनोरोगियों को कैसा महसूस हो रहा है। उन्हें कौन सी चीजें ठीक और कौन सी बातें गलत लग रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति सुसाइड करता है।

यह खबर भी पढ़ें: विदाई के समय अपनी ही बेटी के स्तनों पर थूकता है पिता, फिर मुड़वा देता है सिर, जानें क्यों?

रिसर्च से जुड़े मनोवैज्ञानिक मैथ्यू नॉक कहते हैं कि इन सारी चीजों की जांच-परख करेंगे। इससे हमें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि सामने वाला सुसाइड के बारे में सोच रहा है। इससे उसे समय रहते बचाया जा सकेगा। नॉक के मुताबिक, यदि किसी की नींद बार-बार टूटती है तो इसका मतलब ये है कि उसका मूड ठीक नहीं है। यदि GPS से ये पता चलता है कि वह बार-बार घर के अंदर घूम रहा है, इसका मतलब ये है कि उसे गुस्सा आ रहा है। इस तरह से सेंसर रिपोर्ट तैयार होती है, जो बताती है कि व्यक्ति परेशान है या नहीं। इससे सुसाइड रोक सकेंगे।

Download app : अपने शहर की तरो ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए डाउनलोड करें संजीवनी टुडे ऐप

From around the web