आसिम मुनीर नए आर्मी चीफ होंगे पाकिस्तान के, बाजवा की लेंगे जगह

 
asim munir as chief of the army

पाकिस्तान के मौजूदा आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा 2016 में पाकिस्तान के आर्मी चीफ बने थे। उनका पहला कार्यकाल 29 नवंबर 2019 को खत्म हो गया था। हालांकि, बाद में उन्हें 3 साल का एक्सटेंशन मिला था।  61 साल के जनरल बाजवा का 29 नवंबर 2022 को कार्यकाल खत्म हो रहा है। पाक पीएम शहबाज शरीफ ने आसिम मुनीर को नया आर्मी चीफ नियुक्त करने का ऐलान किया।

 

नई दिल्ली। पाकिस्तान में नए आर्मी चीफ का ऐलान हो गया। जनरल कमर जावेद बाजवा की जगह जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ होंगे। पाकिस्तान सरकार में मंत्री मरियम औरंगजेब ने  यह जानकारी दी है। 

विज्ञापन: "जयपुर में निवेश का अच्छा मौका" JDA अप्रूव्ड प्लॉट्स, मात्र 4 लाख में वाटिका, टोंक रोड, कॉल 8279269659

मरियम औरंगजेब ने बताया कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का चेयरमैन और लेफ्टिनेंट जनरल सैयद आसिम मुनीर को आर्मी चीफ नियुक्त करने का फैसला किया है। 

यह खबर भी पढ़ें: शादी किए बगैर ही बन गया 48 बच्चों का बाप, अब कोई लड़की नहीं मिल रही

राष्ट्रपति लगाएंगे नाम पर अंतिम मुहर
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी इन दोनों नियुक्तियों पर अंतिम मुहर लगाएंगे। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ये नियुक्तियां कानून और संविधान के मुताबिक हुई हैं। उन्होंने अपील की कि देश को इसे राजनीतिक लैंस से देखने से परहेज करना चाहिए। इतना ही नहीं रक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति अल्वी इन नियुक्तियों को विवादास्पद नहीं बनाएंगे और प्रधानमंत्री की सलाह का समर्थन करेंगे। 

यह खबर भी पढ़ें: शादी से ठीक पहले दूल्हे के साथ ही भाग गई दुल्हन, मां अब मांग रही अपनी बेटी से मुआवजा

29 नवंबर को रिटायर हो रहे जनरल बाजवा
पाकिस्तान के मौजूदा आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा 2016 में पाकिस्तान के आर्मी चीफ बने थे। उनका पहला कार्यकाल 29 नवंबर 2019 को खत्म हो गया था। हालांकि, बाद में उन्हें 3 साल का एक्सटेंशन मिला था।  61 साल के जनरल बाजवा का 29 नवंबर तक कार्यकाल है। हालांकि, इससे पहले पाकिस्तान में नए आर्मी चीफ का ऐलान हो गया है। 

पाकिस्तान में चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के पास सशस्त्र बलों के पदानुक्रम का अधिकार होता है। लेकिन सैनिकों की तैनाती, नियुक्तियों और स्थानांतरण सहित प्रमुख शक्तियां थल सेनाध्यक्ष (आर्मी चीफ) के पास होती हैं। इस कारण ही इस कुर्सी पर बैठने वाला शख्स सेना में सबसे शक्तिशाली बन जाता है। बता दें कि पाकिस्तान को आजाद हुए करीब 75 साल हो चुके हैं और इसमें से आधे समय देश पर सेना का शासन रहा है।

यह खबर भी पढ़ें: ऐसा गांव जहां बिना कपड़ों के रहते हैं लोग, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

पाकिस्तान में ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ऐसा फॉरम है, जो तीनों सेनाओं के बीच कोऑर्डिनेशन का काम करता है। पाकिस्तान में चेयरमैन ऑफ द जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ प्रधानमंत्री और नेशनल कमांड अथॉरिटी के मुख्य सैन्य सलाहकार के तौर पर काम करता है। 

Download app : अपने शहर की तरो ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए डाउनलोड करें संजीवनी टुडे ऐप

From around the web