High Court के आदेशों की अनुपालना नहीं कर रहा कर्मचारी चयन आयोग, 100 दिन से भी ज्यादा समय निकला

दो प्रश्नों को रि-एग्जामिन करने को लेकर कमेटी गठित करनी थी

 
ssc jaipur

जयपुर। पटवारी भर्ती-2021 (Patwari Recruitment-2021) के चौथी पारी के अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद न्याय नहीं मिल पा रहा है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (Rajasthan Staff Selection Board) जोधपुर हाईकोर्ट (Jodhpur High Court) के आदेश के बावजूद इस पारी के पेपर में आए दो प्रश्नों को री-कन्सीडर नहीं कर रहा है। जोधपुर व जयपुर बैंच की ओर से जारी आदेशों को 100 दिन से भी ज्यादा समय बीत चुका है, मगर अभी तक बोर्ड ने कमेटी तक गठित नहीं की है।

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इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में रिट दायर करने वाले अभ्यर्थी राजपाल बंसीवाल, टीकूराम मेघवाल, सोहन सिंह राजपुरोहित, सोहन सिंह राव, राहुल कुमार वर्मा, सौरभ सुमन ने बताया कि पटवारी भर्ती परीक्षा में संशोधित उत्तर कुंजी के दो प्रश्नों को री-एग्जामिन करने के लिए उच्च न्यायालय राजस्थान ने आदेश दे रखा है। सुनवाई के दौरान बोर्ड ने भी दो प्रश्नों को री-कन्सीडर करने की आवश्यकता मानी। 27 मई-2022 को हाईकोर्ट ने कमेटी गठित कर निर्णय लेने का आदेश बोर्ड को दिया था, अभी तक कमेटी ही नहीं गठित की गई है।

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प्रश्न एक जगह सही तो दूसरी जगह गलत कैसे? 
चयनित अभ्यर्थी रबिन शर्मा ने बताया कि ठीक वैसा ही सवाल कम्पयुटर अनुदेशक भर्ती में आया था जिसे बोर्ड ने सही माना है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के पास एक ही सवाल का अलग-अलग भर्ती में अलग-अलग जवाब हैं। रीजनिंग विषय के ठीक वैसे ही सवाल का कम्पुयटर अनुदेशक भर्ती में उत्तर सही माना है, लेकिन वही सवाल पटवारी भर्ती में आया तो उसे बोर्ड ने गलत माना है। तो सवाल उठना लाजमी है कि परीक्षा आयोजित करवा रहा बोर्ड एक ही सवाल दो अलग -अलग प्रश्न पत्रों में जवाब अलग-अलग कैसे मान सकता है। बोर्ड का यह दोहरा रवैया युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।

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