रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर की समीक्षा बैठक: कृषि सैक्टर में बिजली की मांग को सोलर एनर्जी से पूरी करने के प्रयास करें- मुख्य सचिव

राजस्थान को पूरे देश में सोलर एनर्जी के सबसे बड़े सप्लायर के रूप में स्थापित करने के प्रयास करने होंगे।

 
रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर की समीक्षा बैठक: कृषि सैक्टर में बिजली की मांग को सोलर एनर्जी से पूरी करने के प्रयास करें- मुख्य सचिव

जयपुर। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि कृषि सैक्टर में बिजली की मांग को सोलर एनर्जी आपूर्ति से पूरी करने के प्रयास किये जाएं। इससे जहां एक तरफ सरकार को कृषि क्षेत्र में दी जा रही भारी सब्सिडरी से राहत मिलेगी वहीं किसानों के बिजली खर्च में भी कमी आएगी। शर्मा सोमवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान को पूरे देश में सोलर एनर्जी के सबसे बड़े सप्लायर के रूप में स्थापित करने के प्रयास करने होंगे। राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपाक सम्भावनाएं हैं और राज्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।

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मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिलों की आवश्यकतानुसार वहां छोटे-छोटे सोलर प्रोजेक्टस स्थापित कर सोलर एनर्जी उत्पादन का डिसेन्ट्रेलाइजेशन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शाम से रात्री तक बिजली की आवश्यकता अधिक होती है और इसी समय सोलर एनर्जी नहीं बन पाती। अभी राज्य में बैट्री स्टोरेज तो हैं किन्तु बड़े स्तर पर ग्रिड सोलर स्टोरेज की सुविधा नहीं है। इसको देखते हुए माही-बीसलपुर डैम जैसे पानी की व्यापक उपलब्धता वाले क्षेत्रों में व्यापक सर्वेक्षण कर सोलर एनर्जी स्टोरेज स्थापित करने के प्रयास तेज करने होंगे।

शर्मा ने ’’पीएम कुसुम स्कीम’’ पर चर्चा करते हुए कहा कि व्यक्तिगत किसान की अपेक्षा यदि इसे किसानों के समूहों द्वारा सहकारिता के साथ अपनाया जाए तो इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। इसके लिए कुछ किसानों के समूहों अथवा छोटे गांवों को एक साथ मिलकर इस योजना को अपनाने के लिए प्रेरित करना होगा।

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बैठक में राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष टी.रविकान्त ने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से विस्तृत रोडमैप की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान को रिन्युएनएल एनर्जी का हब बनाने के लिए दूरगामी लाभों को दृष्टिगत रखते हुए नीतियां तैयार की गई हैं। उन्होंने बताया कि सोलर एनर्जी उत्पादन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर तथा विंड एनर्जी में 5वें स्थान पर है। उन्होंने बताया कि भडाला फेस 1 जिसमें 65 डॅ तथा फेस 2 जिसमें 680 डॅ सोलर एनर्जी का उत्पादन होगा उसका विकास हो गया है। नोख सोलर पार्क जिसमें 925 डॅ उत्पादन होगा का कार्य चल रहा है। रविकांत ने बताया कि राज्य में घरेलू, औद्योगिक, संस्थानिक और अन्य क्षेत्रों में रूफ टॉप सोलर प्लांट स्थापित कियें जा रहे हैं। शहरों और गांवो में आम जनता भी इनमें रूचि तो रही है।

बैठक में निगम के जनरल मैनेजर सुमित माथुर तथा ओ.एस.डी नवीन शर्मा भी उपस्थित थे।

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