पुर्नोत्थान राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड-2023: हर पंचायतराज संस्था अपने उत्कृष्ट काम बताकर करेगी राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए दावा

- 10 सितम्बर को पोर्टल खुलने के साथ ही 31 अक्टूबर तक किया जा सकेगा ऑनलाइन आवेदन
- जिला स्तरीय पंचायत अवार्ड मूल्यांकन समितियों का ऑनलाइन प्रशिक्षण सम्पन्न
 
पुर्नोत्थान राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड-2023: हर पंचायतराज संस्था अपने उत्कृष्ट काम बताकर करेगी राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए दावा

जयपुर। पंचायती राज विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने कहा कि प्रदेष की हर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद को अगले वर्ष ‘‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’’ पर पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों में दिए जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कारों में जगह बनाने के लिए पूरे प्रयास करने चाहिए। जैन ने जिलों को तय समय सीमा में इसके लिए उपखंड स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करने एवं पुरस्कारों के लिए आवेदन संबंधी प्रक्रियाओं पर पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

जैन शुक्रवार को पंचायती राज विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड की प्रक्रियाओं पर जिला स्तर पर गठित पंचायत अवार्ड मूल्यांकन समितियों के ऑनलाइन प्रशिक्षण में सम्बोधित कर रहे थे। शासन सचिव जैन ने कहा कि इस बार राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड सतत विकास लक्ष्यों की 9 थीमों पर पिछले वर्ष के कार्याें के आधार पर दिया जाएगा। राज्य की सभी ग्राम पंचायतों द्वारा इसके लिए समय सीमा में आवेदन करना अनिवार्य है।

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राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों की सम्पूर्ण प्रक्रिया निर्धारित है एवं समयबद्ध है। पुर्नोत्थान राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड-2023 में प्रत्येक ग्राम पंचायत को ऑनलाईन आवेदन करना अनिवार्य किया गया है। इसकी ऑनलाइन प्रक्रिया पोर्टल की लांचिंग के साथ ही 10 सितम्बर 2022 से प्रारम्भ होगी। ऑनलाइन आवेदन के आधार पर पोर्टल पर स्वतः ही कार्य निष्पादन के आधार पर 30 अक्टूबर 2022 तक पुरस्कार हेतु उत्कृष्ट पंचायती राज संस्थाओं का चयन किया जायेगा। 

निदेशक पंचायती राज डॉ. प्रतिभा सिंह ने बताया कि इसके लिए राज्य स्तर पर कमांड सेंटर स्थापित करते हुए सभी जिलों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को हर संभव तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी एवं निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

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जिला स्तरीय समितियों के विभिन्न विभागों के सदस्यों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की अध्यक्षता में जिले के एनआईसी कक्षों से जुड़ते हुए यह प्रशिक्षण प्राप्त किया। पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव आयोजना एस.आर.मीना ने भी अवार्ड के सम्बन्ध में जानकारी दी। विस्तृत प्रस्तुतिकरण राज्य सलाहकार विक्रम सिंह राघव द्वारा दिया गया। अरावली निदेशक वरुण शर्मा एवम यूनिसेफ के सामाजिक नीति विशेषज्ञ शफकत हुसैन ने भी प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किया। राज्य स्तरीय ऑनलाईन प्रषिक्षण में सभी जिला परिषदों से जिला स्तरीय समिति के सदस्यों ने भाग लिया। इसमें प्रमुखतः मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुख्य आयोजना अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपनिदेषक, महिला एवं बाल विकास विभाग, उपनिदेषक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, उपनिदेषक, कृषि एवं उद्यानिकी, जिला उद्योग अधिकारी, जिला षिक्षा अधिकारी, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण निगम इत्यादि शामिल हुए। 

पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन 10 सितम्बर, शनिवार से प्रारम्भ-
राष्ट्रीय पंचायत दिवस प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को मनाया जाता है। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को राष्ट्रीय, राज्य, जिला, पंचायत समिति स्तर पर पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाता रहा है। आगामी ‘‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’’ के लिए वर्ष 2021-22 में किये गये कार्यो के निष्पादन के आधार पर पुर्नोत्थान राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड-2023 प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन की जायेगी, इसके लिए अपेक्षित पोर्टल https://panchayataward.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की लांचिंग शनिवार 10 सितम्बर को पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा की जाएगी।

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