राजस्थान के मंत्री ने अपने ऊपर जूते फेंके जाने पर सचिन पायलट पर साधा निशाना, कहा- ‘मैं लड़ने पर आ गया तो...’ 

सोमवार को कर्नल बैंसला की जयंती के मौके पर उनकी अस्थियों को पुष्कर सरोवर में विसर्जित किया गया। 

 
राजस्थान के मंत्री ने अपने ऊपर जूते फेंके जाने पर सचिन पायलट पर साधा निशाना, कहा- ‘मैं लड़ने पर आ गया तो...’ 

जयपुर। राजस्थान के खेल मंत्री अशोक चांदना के ऊपर सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान जूते चप्पल फेंके गए। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। जूते फेंकने वालों ने सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे भी लगाए है। इतना ही नहीं कुछ लोग जूते चप्पल भी उछाल रहे हैं। इससे नाराज चांदना ने पायलट पर तीखा हमला बोला। चांदना ने ट्वीट कर कहा, 'अगर सचिन पायलट मुझ पर जूता फेंककर मुख्यमंत्री बनते हैं तो उन्हें जल्द बनाया जाना चाहिए क्योंकि आज मेरा लड़ने का मन नहीं है जिस दिन मैं लड़ने पर आ गया तो फिर एक ही बचेगा और यह मैं चाहता नहीं हूं। 


उन्होंने लिखा, आज एक अद्भुत दृश्य देखा गया जब राजेंद्र राठौड़ (तत्कालीन कैबिनेट सदस्य), जिन्होंने 72 लोगों की हत्या का आदेश दिया था, जब मंच पर आए थो तालियां बजाई गईं और गुर्जर आरक्षण आंदोलन में जिनके परिवार के सदस्य जेल में गए, उनपर जूते फेंके गए। 


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गुर्जर नेता कर्नल बैंसला को अंतिम विदाई देने के लिए उनके बेटे विजय बैंसला ने प्रदेश में अस्थि कलश यात्रा निकाली थी। सोमवार को कर्नल बैंसला की जयंती के मौके पर उनकी अस्थियों को पुष्कर सरोवर में विसर्जित किया गया। इससे पहले एमबीसी वर्ग में आने वाली सभी जातियों का एक महाकुंभ पुष्कर मेला मैदान में आयोजित किया गया। पूरे आयोजन को सामाजिक आयोजन बताने वाले आयोजकों के होश उस वक्त फाख्ता हो गए जब मंच पर भाषण देने आये गहलोत सरकार के मंत्रियों का विरोध हुआ।

कार्यक्रम को राजनीतिक बनाने का आरोप
सभा में देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत जब संबोधन के लिए मंच पर पहुंची तो वहां मौजूद भीड़ ने उनका भारी विरोध किया। उसके बाद जब खेल मंत्री अशोक चांदना बोलने के लिए मंच पहुंचे तो गुस्साए लोगों ने जूते चप्पल तक फेंके। दोनों ही मंत्रियों ने मंच से इसका विरोध भी किया और कार्यक्रम को राजनैतिक अखाड़ा बनाने का आरोप लगाया। हालांकि शकुंतला रावत ने कर्नल बैंसला को श्रद्धांजलि देते हुए उनके नाम से गर्ल्स कॉलेज खोलने की घोषणा की। गुर्जर आरक्षण में शहीद हुए 72 लोगों के परिजनों का जनसभा में मंच पर सम्मान भी किया गया।

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पायलट समर्थकों की नाराजगी की वजह
सचिन पायलट समर्थकों के निशाने पर गुर्जर समाज के दो विधायक लगातार निशाने पर है। खेलमंत्री अशोक चांदना और पूर्व मंत्री जितेंद्र। पायलट समर्थक इस बात से नाराज है बगावत के समय खेलमंत्री अशोक चांदना ने सचिन पायलट का साथ नहीं दिया। वरना आज सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री होते। वर्ष 2020 में पायलट की बगावत के समय अशोक चांदना ने गहलोत कैंप का साथ दिया था। बस नाराजगी की यही वजह है। 

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