राष्ट्रपति ने राजस्थान के दो शिक्षकों को ''राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार'' से किया सम्मानित

बालश्रम के खिलाफ गांव में जागरूकता अभियान चलाया और कई घरों में जाकर बच्चों में पढ़ने की अलख जगाई।

 
राष्ट्रपति ने राजस्थान के दो शिक्षकों को ''राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार'' से किया सम्मानित

जयपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस पर राजस्थान के दो शिक्षकों को 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2022' से सम्मानित किया।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित समारोह में मुर्मू ने उदयपुर जिले के दुर्गाराम मुवाल और बीकानेर जिले की सुनीता गुलाटी को सम्मानित किया।

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फलासिया पंचायत समिति के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पारगियापाडा स्कूल में पढ़ाने वाले मुवाल ने आदिवासी स्कूल में बच्चों को पढ़ाना शुरू किया और बच्चों के परिजनों के पास जाकर उन्हें स्कूल भेजने के लिए जागरूक किया।  बालश्रम के खिलाफ गांव में जागरूकता अभियान चलाया और कई घरों में जाकर बच्चों में पढ़ने की अलख जगाई। तस्करी के बारे में सूचनाएं जुटाकर बच्चों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाने का भी सराहनीय कार्य किया है।

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बीकानेर के राजकीय मूक बधिर विद्यालय की शिक्षिका सुनीता गुलाटी ने वर्ष 2017 में सामान्य शिक्षक के रूप में विद्यालय में नियुक्ति मिली थी, जिसके बाद से वह मूक बधिर बच्चों के लिए काम करना प्रारंभ किया। उन्होंने बच्चों के साथ रहते हुए स्पेशल टीचर के रूप में ट्रेनिंग ली और फिर रिहैबिलेशन कौंसिल ऑफ इंडिया में रजिस्ट्रेशन करवाया। मूक बधिर बच्चों को हर तरह की मुश्किलों के लिए तैयार किया जिसके बाद बच्चों ने नेशनल लेवल के साइंस कॉम्पिटिशन में तीन अवार्ड भी जीते हैं।

राष्ट्रपति द्वारा शिक्षकों को सम्मान स्वरूप प्रत्येक को रजत पदक, 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि का चैक और प्रमाण-पत्र प्रदान किया।

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