कोरोना से मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने का कोई मामला लंबित नहीं- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री

कोविड-19 महामारी के कारण राज्य में 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ हुए प्रत्येक बच्चों तथा विधवा महिलाओं को मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजनान्तर्गत सहायता राशि दिये जाने हेतु प्रावधान किया गया है। 

 
कोरोना से मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने का कोई मामला लंबित नहीं- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री

जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि कोरोना से मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता के लिए प्राप्त आवेदनों में सभी में भुगतान कर दिए गए है तथा वर्तमान में कोई भी मामला लंबित नहीं है। उन्होंने कहा कि फिर भी ऐसा कोई प्रकरण रह गया है तो भुगतान प्रकिया जारी है तथा प्रकरण जानकारी में आने पर शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा।

जूली ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्यों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि कोरोना से मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने तथा उच्च शिक्षा के अध्ययन के लिए सहायता राशि देने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ऐसी विभिन्न योजनाएं संचालित है जिनमें उच्च शिक्षा के लिए युवाओं को सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाती है।

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इससे पहले जूली ने विधायक रामस्वरुप लांबा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के कारण राज्य में 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ हुए प्रत्येक बच्चों तथा विधवा महिलाओं को मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजनान्तर्गत सहायता राशि दिये जाने हेतु प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत प्रत्येक अनाथ बच्चे को तथा विधवा महिला को तात्कालिक सहायता के रूप में राशि रूपए 1.00 लाख एकमुश्त सहायता दी जाती है तथा प्रत्येक अनाथ बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक 2500 रुपए प्रतिमाह सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 5 लाख रूपये देय है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत विधवा महिला को आजीवन 1500 रूपये मासिक पेंशन देय है तथा विधवा महिला के बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक एक हजार  रूपये प्रतिमाह देय है। योजना के तहत प्रत्येक अनाथ बच्चे तथा विधवा महिलाओं के बच्चों को विद्यालय पोशाक, पाठ्य पुस्तकें आदि हेतु 2000 रूपये प्रति बालक अथवा बालिका एकमुश्त वार्षिक अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अजमेर जिले में 701 विधवा महिलाओं व 13 अनाथ बालकों सहित कुल 714 विधवा महिला अथवा अनाथ बालकों को लाभान्वित किया जा रहा है।

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री  ने बताया कि चिकित्सा विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार विधानसभा क्षेत्र नसीराबाद में कोरोना से 91 लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने तहसीलवार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी से प्राप्त भुगतान स्वीकृतियों के आधार पर मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजनान्तर्गत विधवा महिलाओं को एक लाख रूपये एकमुश्त व 1500 रूपये प्रतिमाह आजीवन पेंशन तथा उनके 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को 1000 रूपये प्रतिमाह सहायता एवं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित कोविड-19 अनुग्रह सहायता योजनान्तर्गत दिवंगत हुये लोगों के आश्रित/परिजन को 50 हजार रूपये की एकमुश्त सहायता राशि का लाभ दिये जाने का प्रावधान है।

जूली ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र नसीराबाद में मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजनान्तर्गत 52 विधवा महिलाओं को तथा कोविड अनुग्रह सहायता राशि अन्तर्गत 57 लोगों को लाभान्वित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजनान्तर्गत एवं कोविड अनुग्रह सहायता योजना में पात्रतानुसार लाभ दिया जा रहा है।

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