विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर राष्ट्रीय कार्यशाला : राजस्थान के हैल्थ केयर मॉडल को पूरे देश में करें लागू- चिकित्सा मंत्री

जांच एवं जनजागरूकता हेतु सघन अभियान चलाने के लिए राजस्थान को मिला राष्ट्रीय सम्मान

 
विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर राष्ट्रीय कार्यशाला : राजस्थान के हैल्थ केयर मॉडल को पूरे देश में करें लागू- चिकित्सा मंत्री

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान का यूनिवर्सल हैल्थ केयर मॉडल गरीब से गरीब आदमी को भी पूर्णतः निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिष्चित करवाता है, अन्य राज्यों को भी इसे लागू करना चाहिए ताकि देश का हैल्थ सिस्टम मजबूत हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य को निरोगी बनाने के अभियान के शुरूआत मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना से की थी। वर्तमान में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को निःशुल्क जांच, दवा एवं उपचार की सुविधा मिल रही है। वर्तमान में छोटी से छोटी बीमारी के इलाज से लेकर बडे से बडा इलाज सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आमजन के लिए निःशुल्क उपलब्ध है। राजस्थान पूरे देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक मॉडल स्टेट बन चुका है। चिकित्सा मंत्री गुरूवार को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केन्द्र के सभागार में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। 

हेपेटाइटिस अभियान के तहत सघन स्क्रीनिंग एवं व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के लिए राजस्थान को, दादरानागर हवेली एवं दमनदीव को हाईरिस्क समूहों में शत-प्रतिशत हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण के लिए, जिला स्तर से उपस्वास्थ्य केन्द्र तक हेपेटाइटिस कार्यक्रम को विकेन्द्रित करने के लिए पष्चिम बंगाल को तथा कन्सेंटिंग परफोरमेंस के लिए पंजाब को राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। 

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इस दौरान अतिथियों ने नेशनल वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विभिन्न घटकों में बेहतरीन कार्य करने वाले राज्यों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। हेपेटाइटिस बी एवं सी से ग्रसित रोगियों को उपचार एवं सेवा उपलब्ध करवाने में हरियाणा को, हेपेटाइटिस-बी से ग्रसित प्रसूताओं की अधिकतम स्क्रीनिंग की उपलब्धि के लिए तमिलनाडू को तथा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हाईरिस्क समूहों में हेपेटाइटिस-बी एवं सी की सर्वाधिक स्क्रीनिंग उपलब्धि के लिए आंध्रप्रदेश को पुरस्कृत किया गया। 

इसी प्रकार हेल्दीलीवर कैंपेन के अन्तर्गत प्रदेशभर में बेहतरीन कार्य करने वाले चिकित्सकों, जेल अधीक्षकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं जिला आईईसी समन्वयकों इत्यादि को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मीणा ने कहा कि अनियमित खानपान और शुद्ध पानी के उपयोग नहीं करने से हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी होती है। हम सभी को शराब, सिगरेट, तम्बाकू इत्यादि के सेवन से बचना चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लिए गर्व की बात है कि पूरे देश सेे विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी हेपेटाइटिस की रोकथाम पर चर्चा के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। 

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री महेश जोशी ने कहा कि हेल्दीलीवर कैंपेन के अन्तर्गत जनसहभागिता से प्रदेश में 64 हजार 733 पेयजल स्रोतों का क्लोरिनेशन करवाया गया है और नियमित अंतराल में जल शुद्धिकरण की गतिविधियां विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत राज्य में 33 जिलों में ग्राम जल स्वच्छता समिति के माध्यम से भी पेयजल की जांच का कार्य करवाया जा रहा है। राज्य की 11 हजार 325 ग्राम पंचायतों में से 6 हजार 938 ग्राम पंचायतों में पेयजल जांच हेतु प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जल स्रोतों से प्राप्त जल का शुद्धिकरण कर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने से हेपेटाइटिस ए एवं ई की रोकथाम सुनिश्चित होगी एवं संक्रमित रोगियों की संख्या में कमी होगी। 

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केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव एवं एनएचएम मिशन निदेशक रोली सिंह ने कहा कि तम्बाकू नियंत्रण अभियान की तरह ही राजस्थान में नेशनल वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हेल्दी लीवर कैंपेन का सफल संचालन किया और आमजन में इसके बारे में जागरूकता विकसित की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान का हैल्थ केयर सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है और आमजन को सहज और सुलभ उपचार सेवाएं मिल रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव डॉ. पृथ्वी ने कहा कि किसी समय बीमारू कहलाने वाला राजस्थान आज हैल्थ के मामले में देशभर में अग्रिम पंक्ति में खडा है। राजस्थान देश का एकमात्र ऐसा बडा राज्य है जो अपने कुल बजट का 7 प्रतिशत से ज्यादा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च कर रहा है। नेशनल फैमेली हैल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 88 प्रतिशत परिवार स्वास्थ्य बीमा से कवर है जो देश में सबसे ज्यादा है। राज्य में हैल्थ मैनपावर से लेकर चिकित्सा संस्थानों तक का कायाकल्प हुआ है। जल्द ही राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य होगा जो अपने निवासियों को राईट-टू-हैल्थ देगा। 

इस दौरान आरयूएचएस के वीसी डॉ. सुधीर भंडारी, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजीव बगरहट्टा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंट्री हैड डॉ. रोड्रिको एच ऑफरिन, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के. माथुर सहित गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

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