’’जहां-ए-खुसरो’’ में महकेगी सूफी संगीत की खुशबू, अल्बर्ट हॉल में आज से होगा विश्व सूफी संगीत समारोह

समारोह में सूफी संगीत की मधुर ध्वनियां गूंजेगी। साथ ही राजस्थान की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
 
’’जहां-ए-खुसरो’’ में महकेगी सूफी संगीत की खुशबू, अल्बर्ट हॉल में आज से होगा विश्व सूफी संगीत समारोह

जयपुर। पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश की संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय वार्षिक विश्व सूफी संगीत समारोह ’’जहां-ए-खुसरो’’ का आयोजन किया जा रहा है। यह समारोह जयपुर के अल्बर्ट हॉल में 19 और 20 नवम्बर को सायं 6:30 बजे आयोजित किया जाएगा।

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समारोह में सूफी संगीत की मधुर ध्वनियां गूंजेगी। साथ ही राजस्थान की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। जहां-ए-खुसरो एकता के रंग का प्रतीक है।

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जयपुर को एक कल्चरल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस तरह के आयोजनों और प्रस्तुतियों से राजस्थान की कला और कलाकारों को बढ़ावा मिलता है। इस समारोह में राजस्थान की दंतकथा ’’मूमल’’ को एक स्टेज शो के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और चित्रकार मुजफ्फर अली और डिजाइनर मीरा अली द्वारा डिजाइन किए गए जहां-ए-खुसरो समारोह में जावेद अली, नूरां सिस्टर्स, जसलीन कौर, नियाजी जैसे प्रसिद्ध कलाकार प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के पहले दिन 19 नवम्बर यानी आज ’’हुमा’’ शीर्षक बेले नृत्य का आयोजन किया जाएगा। साथ ही पूजा गायतोंडे ’’नारा-ए-मस्ताना’’ नामक प्रस्तुति से सूफी प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेगी।

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दूसरे दिन 20 नवंबर को मुजफ्फर अली द्वारा निर्देशित ’’मूमल-रूह-ए-रेगिस्तान’’ नामक बेले नृत्य शिवानी वर्मा और ग्रुप द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। समारोह का समापन नूरान सिस्टर्स द्वारा ’’सदा-ए-सूफी’’ प्रस्तुति से होगा।

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